अंकिता सिंह की सफलता की कहानी, विश्वास, समर्पण और सपनों की उड़ान

उत्तराखंड के एक छोटे से कस्बे गदरपुर (उधम सिंह नगर) से निकलकर UGC-NET में ऑल इंडिया रैंक 34 हासिल करने तक का सफर अंकिता सिंह के लिए सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं था। यह एक सपना था जिसे उन्होंने पूरे दिल से जिया, सींचा और अंततः साकार किया।
छोटे शहर से बड़ी उड़ान
अंकिता की कहानी साधारण परिवार की उस असाधारण बेटी की है, जो बड़े सपने देखती है और उन्हें पाने की हिम्मत भी रखती है। उनके पिता एक लाइब्रेरियन रहे हैं, और मां एक गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में अंकिता सबसे प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है। उनकी शुरुआती पढ़ाई मेरठ में हुई, जहां से उन्होंने शिक्षा की बुनियाद रखी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की, जहाँ उनका झुकाव शिक्षा और रिसर्च की ओर और अधिक मजबूत हुआ।
परीक्षा की तैयारी: धैर्य और मेहनत की कहानी
2024 में पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद अंकिता ने UGC-NET की तैयारी शुरू की। यह सफर उतार-चढ़ाव भरा था। दो प्रयास असफल रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में, 300 में से 234 अंक हासिल कर उन्होंने देशभर में 34वीं रैंक हासिल की। यह नतीजा न सिर्फ अंकिता की मेहनत का फल था, बल्कि उनके विश्वास, अनुशासन और आत्मबल की जीत भी थी।
दोस्ती जिसने उम्मीद दी
इस यात्रा में एक और नाम बेहद खास रहा—सोनी आभा, जो सिर्फ एक दोस्त नहीं, बल्कि एक सच्ची साथी बनीं। जब भी अंकिता थकी, टूटी, या खुद पर संदेह किया, सोनी आभा ने उन्हें संभाला, उत्साहित किया, और हर मोड़ पर उनके साथ खड़ी रहीं। अंकिता आज भी मानती हैं कि कई बार परिवार से बढ़कर भी कोई आपको समझता है, और मेरे लिए वो मेरी बेस्ट फ्रेंड सोनी रही।
विश्वास जिसने राह दिखाई
अंकिता की सोच बेहद स्पष्ट है: अगर आप अच्छे हैं, तो आपके साथ अच्छा ही होगा। बस भगवान पर भरोसा रखिए। यही विश्वास उन्हें हर मुश्किल समय में आगे बढ़ने की ताकत देता रहा।
भविष्य के सपने
अंकिता यहीं नहीं रुकना चाहतीं। उनका अगला लक्ष्य है Ph.D. करना, और एक दिन किसी विश्वविद्यालय की कुलपति (Vice Chancellor) बनना। इसके साथ ही उनका सपना है कि वे अपना खुद का NGO शुरू करें, जो शिक्षा, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के लिए काम करे।
प्रेरणा की मिसाल
अंकिता सिंह की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है, बल्कि यह उस जज़्बे की कहानी है जो विपरीत हालातों में भी अपने सपनों को सच करने की ताकत रखता है। एक छोटे शहर की लड़की, जिसने अपने आत्मविश्वास, मेहनत, दोस्तों के साथ और भगवान में अटूट विश्वास से वो कर दिखाया जो लाखों छात्र सिर्फ सोचते हैं। हम सबको अंकिता से यही सीख लेनी चाहिए कि अगर इरादे नेक हों और भरोसा मजबूत हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।




