दखल दिलाने में प्रशासन बरत रही लापरवाही, आदेश के बाद भी कब्जाधारी मजबूत व भू-स्वामी कमजोर

नवादा। जिले के रजौली स्थित बांके मोड़ के समीप एक भूमि पर कब्जाधारियों का विगत 15 वर्षों से अवैध कब्जा कायम है, जिसे आदेश के बाद भी हटाने में स्थानीय अंचलाधारी लापरवाही बरत रहे हैं। इससे कब्जाधारियों का मनोबल बढ़ रहा है और भू-स्वामी कार्यालयों का चक्कर काट-काट कर परेशान हो रहे हैं। जबकि बीते 16 जून को अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी एवं थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर राजेश कुमार के नेतृत्व में कब्जा लिए गए भूमि थाना संख्या-182 ,खाता संख्या-98 के 11 डिसमिल पर बेदखलीवाद संख्या के तहत खाली करवाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। किंतु कब्जाधारी द्वारा एक सप्ताह का समय लेकर स्वत: भूमि को खाली करने का झूठा आश्वाशन प्रशासन को देकर कार्रवाई रुकवा दी गई थी। कब्जाधारियों द्वारा अबतक भूमि को खाली नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर प्रशासन को ही तानाशाह बताकर एनएच-20 को जाम करने की धमकियां दी जा रही है।
कब्जाधारी रच रहे षड्यंत्र
वहीं बांके मोड़ स्थित भूमि के मालिक सुखदेव साव के पुत्र संदीप कुमार ने बताया कि हमारे पिता ने रामदासी के बंधु यादव के पुत्र सोमर यादव व गनौरी यादव से केवाला संख्या 1577 दिनांक 29 जनवरी 1977 को 11 डिसमिल भूमि खरीदी थी। हमारे पिता को विश्वास में लेकर लखीसराय के सूर्यगढ़ा निवासी बिरजू साव के पुत्र देवानंद कुमार व पप्पू साव ने व्यवसाय के नामपर किराए पर लिया था। उक्त भूमि पर दोनों भाइयों ने दाल व चावल आदि का व्यापार कर रहे थे। वर्ष 2011 में जब हम अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करवाना शुरू किए, तब वे लोग हमारी भूमि को बिहार सरकार की भूमि बताकर जबरन कब्जा की बात कही। इस मामले को लेकर सीओ, डीसीएलआर, जिलाधिकारी, मगध आयुक्त एवं मुंसिफ कोर्ट में 15 वर्षों तक बेवजह घसीटा गया। कागजातों एवं साक्ष्य के कारण कब्जाधारी को सभी जगहों पर शिकस्त का मुंह देखना पड़ा और जमीन खाली करने का भी आदेश दिया गया।
14 जुलाई को कार्रवाई करने का आदेश निकाला गया, किंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई
वहीं एसडीओ द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में बेदखलीवाद संख्या के तहत स्थानीय प्रशासन द्वारा बीते 16 जून को जमीन पर अवैध निर्माण को हटाकर दखल दिलवाने की कार्रवाई शुरू हुई। किंतु कब्जाधारी पप्पू साव, पप्पू साव के पुत्र सोनू कुमार व मोनू कुमार एवं सदानंद साव के पुत्र नीरज कुमार व धीरज कुमार द्वारा जमीन को स्वत: खाली करने को लेकर एक सप्ताह का समय मांगा गया। अंचलाधिकारी ने कब्जाधारियों को एक सप्ताह का समय भी दिया। किंतु कब्जाधारी ने अपना कब्जा कायम रखा। वहीं अंचलाधिकारी द्वारा पुनः कब्जाधारियों से जमीन को मुक्त करने को लेकर 14 जुलाई को कार्रवाई करने का आदेश निकाला गया, किंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अवैध कब्जा को लेकर विख्यात हैं कब्जाधारी
लखीसराय के सूर्यगढ़ा से रजौली आए बिरजू साव के पुत्र दयानंद साव, पप्पू साव उर्फ विद्यानंद एवं सदानंद साव उर्फ मुन्ना 40 वर्ष पूर्व संगत मोड़ स्थित सुखाड़ी साव के मकान में किराए पर रहा करते थे। जब मकान मालिक ने कुछ वर्षों बाद मकान खाली करने को कहा तो उक्त लोगों ने मकान खाली नहीं किया। अंततः मकान मालिक ने अपने ही मकान को ध्वस्त करवाकर मकान खाली करवाया। वहीं बाजार स्थित माल टोला के अमरिक साव के घर में किरायेदार बनकर रह रहे उक्त लोगों ने अवैध कब्जा करना चाहा। किंतु मकान मालिक ने घर का लाइन कटवाकर और चापाकल उखड़वाकर मकान को खाली करवाया। भू-स्वामी ने बताया कि देवानंद साव उर्फ देवानंद कुमार रजौली थाना कांड में हत्या के नामजद अभियुक्त भी हैं, जो फरार चल रहे हैं और अपने भाइयों को जमीन पर अवैध कब्जे करने में सहयोग कर रहे हैं।




