बिहार में विकास को नई गति, CM ने किए 11,346 सड़कों व 730 पुलों का शिलान्यास-उद्घाटन

पटना, 17 जुलाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से ग्रामीण कार्य विभाग अंतर्गत 21406.36 करोड़ रुपए की लागत वाले 11346 पथों एवं 730 पुलों का रिमोट के माध्यम से कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आज कार्यारंभ एवं शिलान्यास किए गए ग्रामीण सड़कों एवं सेतु की योजनाओं के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में दीपक कुमार सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग अंतर्गत योजनावार ग्रामीण सड़कों एवं पुलों के निर्माण की अद्यतन स्थिति, निर्मित ग्रामीण पथों के नवीनीकरण/उन्नयन की विवरणी, ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना तथा सुलभ समपर्कता योजना की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति को भी साझा किया।
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण पथों, पुलों का निर्माण व रख-रखाव काफी अच्छे ढंग से किया जा रहा है – मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण पथों, पुलों का निर्माण व रख-रखाव काफी अच्छे ढंग से किया जा रहा है, इसके लिए मैं विभाग को बधाई देता हूं। उन्होने कहा कि ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, सुलभ समपर्कता योजना सहित अन्य कई योजनाओं के माध्यम से हर गांव के टोलों तक पक्की सडकों का निर्माण सुनिश्चित किया गया है ताकि लोगों को आवागमन में सहूलियत मिल सके। हमलोगों ने पूरे बिहार में शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण इलाके हर जगह के लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाया है उसे और बेहतर बनाने की हरसंभव कोशिश जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा- आज जिन योजनाओं का कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया गया
अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया गया है वह तय समय-सीमा के अंदर पूर्ण हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखें। इन सड़कों तथा पुलों के बन जाने से लोगों को आवागमन में और अधिक सुविधा होगी। ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। ग्रामीण सड़क सुदृढीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के नए अवयव के रूप में वर्ष 2024 में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कुल पांच हजार 47 पथों (लंबाई आठ हजार 893 किलोमीटर) जिसकी कुल स्वीकृत राशि छह हजार 198 करोड़ रुपए है, जिनका आज कार्यारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त कुल चार हजार 79 पथों (लंबाई छह हजार 484 किलोमीटर) जिसकी कुल स्वीकृत राशि पांच हजार 627 करोड़ रुपए है, जिनका शिलान्यास किया गया है। कुल 24 योजनाओं, जिसकी स्वीकृत राशि 279 करोड़ रुपए है का शिलान्यास किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के मध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम संपर्कता हेतु ग्रामीण पथों पर छूटे हुए हुए पुल/पहुंच/पथ इत्यादि के निर्माण हेतु पूर्व में मुख्यमंत्री सेतु योजना लागू थी जिसे पुनः प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना अंतर्गत 409 पुलों जिसकी कुल स्वीकृत राशि एक हजार 859 करोड़ रुपए और राज्य योजना अंतर्गत कुल पांच योजनाओं, जिसकी कुल स्वीकृत राशि 48 करोड़ रुपए है, का कार्यारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजनांतर्गत कुल 295 पुलों, जिसकी स्वीकृत राशि एक हजार 792 करोड़ रुपए है और राज्य योजनांतर्गत कुल 24 योजनाओं, जिसकी स्वीकृत राशि 279 करोड़ रुपए है का शिलान्यास किया गया है।
कुल 8 योजनाओं में 101 करोड़ की राशि का शिलान्यास/कार्यारंभ किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (अवशेष) के तहत बिहार राज्य में 100 या इससे अधिक आबादी वाले छुटे बसावटों/टोलों को बारहमासी एकल सड़क संपर्कता प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष) प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत कुल 301 पथों (लंबाई-490 किलोमीटर), जिसकी कुल स्वीकृत राशि 618 करोड़ रुपए है, जिनका कार्यारंभ किया गया है। कुल एक हजार 908 पथों (लंबाई-तीन हजार 397 किलोमीटर), जिसकी कुल स्वीकृत राशि चार हजार 884 करोड़ रुपए है उनका भी शिलान्यास किया गया है। इसके अतिरिक्त सुलभ संपर्कता योजना अंतर्गत कुल आठ योजनाओं में 101 करोड़ रुपए की राशि का शिलान्यास/कार्यारंभ किया गया है।
मुख्यमंत्री के साथ दोनों डिप्टी सीएम, मंत्री व अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी सहित ग्रामीण कार्य विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।




