हाफिज-ए-कुरान से IPS अधिकारी तक, डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी की प्रेरणादायक कहानी
हैदराबाद/दुमका, 17 जुलाई। जब ज़िद, मेहनत और मूल्यों का संगम होता है, तो एक शख्सियत बनती है – डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी। ये नाम सिर्फ UPSC रैंक सूची में दर्ज नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल भी है। मेडिकल से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर अनोखा और प्रेरणादायक रहा है।
मेडिकल सेवा से प्रशासनिक सेवा तक
हैदराबाद के Osmania Medical College से MBBS (2016) और MS (सर्जरी, 2020) पूरा करने के बाद डॉ. हाशमी ने King Koti District Hospital में COVID-19 महामारी के दौरान सेवा दी। इसी के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी। चौथे प्रयास में उन्होंने UPSC 2021 में 162वीं रैंक हासिल की और IPS अधिकारी बने।
आध्यात्मिक और अकादमिक ऊंचाइयों का संगम
डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी न केवल डॉक्टर और अफसर हैं, बल्कि हाफ़िज़-ए-कुरान भी हैं – यानी उन्होंने पूरा कुरान कंठस्थ किया है।
उनकी उपलब्धियों की सूची लंबी है:
- 2010: दक्षिण कोरिया में International Biology Olympiad में भारत के लिए सिल्वर मेडल
- 2012: Kaun Banega Crorepati में अमिताभ बच्चन के साथ मंच साझा
- 2019: Tata Crucible Quiz (Hyderabad) के विजेता
- पारिवारिक पृष्ठभूमि और तैनाती
जन्म: 24 नवंबर 1992, हैदराबाद - पिता: सिविल इंजीनियर
- माता: गृहिणी
- विवाहित: पत्नी डॉक्टर हैं
- बचपन: कुछ वर्ष गल्फ देशों में शिक्षा ग्रहण
- वर्तमान तैनाती: ASP (प्रशिक्षु), दुमका, झारखंड
- 28 अक्टूबर 2024 से झारखंड कैडर में सेवाएं दे रहे हैं
- यह जानकारी झारखंड पुलिस की IPS Civil List 2025 में भी दर्ज है
युवाओं को संदेश
डॉ. हाशमी का मानना है, “असफलता से हार मानना मूर्खता है, उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है। गुणवत्ता वाली पढ़ाई करो, न कि सिर्फ घंटों गिनो।”
उनकी सोच में धर्म, शिक्षा और सेवा का संतुलन बेहद जरूरी है। हाल ही में उन्होंने हैदराबाद के लिटिल फ्लावर स्कूल में Investiture Ceremony के मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और बच्चों को नेतृत्व का महत्व बताया।
एक आदर्श प्रेरणा
डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी की कहानी केवल एक UPSC टॉपर की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की है जिसने कुरान की रोशनी, चिकित्सा की सेवा और प्रशासनिक जिम्मेदारी – तीनों को बखूबी निभाया। वे मुस्लिम युवाओं और मेहनती छात्रों के लिए आदर्श उदाहरण हैं कि कैसे सीमाएं नहीं, सिर्फ सपने मायने रखते हैं।




