न्यूजरोचक समाचार

NASA ने खोजा नया ‘सुपर अर्थ’! क्या 154 प्रकाश वर्ष दूर जीवन की कोई संभावना है?

NASA और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने हाल ही में एक नया ‘सुपर-अर्थ’ ग्रह खोजा है, जिसे TOI-1846b नाम दिया गया है। यह ग्रह हमसे लगभग 154 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है और अपनी अनोखी बनावट और रहस्यमय संकेतों के कारण वैज्ञानिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह खोज TESS (Transiting Exoplanet Survey Satellite) की मदद से की गई है, जो हर 30 मिनट में चार विशेष कैमरों के ज़रिए आकाश के विभिन्न हिस्सों का अध्ययन करता है।

TOI-1846b एक ऐसा ग्रह है जो न तो पूरी तरह धरती जैसा है और न ही पूरी तरह गैसीय ग्रह नेपच्यून जैसा। इसका आकार और वजन वैज्ञानिकों द्वारा पहचाने गए “रेडियस गैप” की श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में आने वाले ग्रह अत्यंत दुर्लभ होते हैं और इनमें पथरीले तत्वों के साथ-साथ गैसीय या बर्फीली परतें भी हो सकती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि TOI-1846b की सतह के नीचे या तो मोटी बर्फ की परत है या फिर एक गहरा महासागर छिपा हो सकता है।

हालाँकि इस ग्रह की सतह का तापमान लगभग 300 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, फिर भी वैज्ञानिक इसकी सतह पर पानी की उपस्थिति की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे एक मुख्य कारण यह है कि यह ग्रह “टाइडली लॉक्ड” हो सकता है – यानी इसका एक हिस्सा हमेशा तारे की तरफ होता है और दूसरा हिस्सा हमेशा अंधेरे में रहता है। ऐसे में अंधेरे और ठंडे हिस्सों में पानी के जमा होने की संभावना बनती है, जो जीवन के लिए आवश्यक तत्वों में से एक है।

मोरक्को स्थित ओउकेमेडेन वेधशाला के खगोलशास्त्री अब्देरहमाने सोबकिउ के नेतृत्व में, चार महाद्वीपों से आए वैज्ञानिकों ने TOI-1846b की खोज की पुष्टि की है। इस ग्रह की एक प्रमुख विशेषता यह है कि यह केवल चार दिनों में अपने तारे का एक चक्कर पूरा कर लेता है, जिससे यह अत्यंत तेज़ी से अपनी कक्षा में गति करता है।

इस ग्रह की खोज को और बेहतर तरीके से समझने के लिए वैज्ञानिक NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की मदद लेंगे। यह टेलीस्कोप 10 अरब डॉलर की लागत से तैयार किया गया था और हाल ही में इसने अपना पहला एक्सोप्लैनेट भी खोजा है। अब यह TOI-1846b के वायुमंडल का अध्ययन इंफ्रारेड प्रकाश के माध्यम से करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ग्रह पर तापमान किस तरह फैलता है और क्या वहाँ जीवन के लिए कोई अनुकूल परिस्थितियाँ मौजूद हैं।

फिलहाल, TOI-1846b पर जीवन की संभावना बहुत कम मानी जा रही है, लेकिन इस ग्रह की संरचना, वातावरण और संभावित जल स्रोत इसे विशेष रूप से अध्ययन योग्य बनाते हैं। आने वाले वर्षों में जेम्स वेब टेलीस्कोप और अन्य आधुनिक उपकरणों से मिले डेटा के ज़रिए हम इस ग्रह के रहस्यों को और अधिक गहराई से जान पाएंगे। TOI-1846b की यह खोज यह संकेत देती है कि ब्रह्मांड में ऐसे कई अन्य ग्रह हो सकते हैं जहाँ जीवन की संभावनाएँ अब भी छिपी हो सकती हैं।

संबंधित लेख

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button