बेतिया अंचल कार्यालय में विजिलेंस का बड़ा धमाका: जमीन की जमाबंदी अनलॉक करने के नाम पर 15 हजार घूस लेते आरटीपीएस लिपिक गिरफ्तार

बेतिया। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतिश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बेतिया अंचल कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर तैनात क्लर्क राजकुमार मिश्र को निगरानी की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी क्लर्क चनपटिया प्रखंड के पकड़ीहार गांव का निवासी है और पिछले पांच वर्षों से इसी अंचल कार्यालय में अपनी जड़ें जमाए हुए था। स्थानीय सूत्रों की मानें तो अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज से लेकर हर छोटे-बड़े काम के लिए इनकी मध्यस्थता और कथित ‘फीस’ की चर्चा आम थी। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरे अंचल कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया और कई अन्य कर्मचारी दफ्तर छोड़कर खिसक गए।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर बताया जा रहा है कि पीड़ित बालेश्वर कुमार ने विजिलेंस से इसकी लिखित शिकायत की थी। बालेश्वर कुमार के मुताबिक, उनकी जमीन की जमाबंदी डिजिटल रूप से लॉक थी, जिसे खोलने (अनलॉक करने) के एवज में क्लर्क राजकुमार मिश्र लगातार 15 हजार रुपये की मांग कर रहे थे और काम रोकने का दबाव बना रहे थे। क्लर्क की प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय से संपर्क साधा। मामले का सत्यापन कराने के बाद विजिलेंस की विशेष टीम ने जाल बिछाया। बुधवार को जैसे ही बालेश्वर कुमार ने तय रकम क्लर्क को थमाई, वैसे ही सादे लिबास में तैनात निगरानी के अधिकारियों ने राजकुमार मिश्र को घूस के रुपयों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए रवाना हो गई है। इस कार्रवाई से जिले के रिश्वतखोर सरकारी सेवकों में हड़कंप मच गया है।
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