भितहा में सरकारी निर्माण पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बिना सूचना पट्ट के काम होने से पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल

बगहा पुलिस जिला के भितहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुड़ाडीह बाजार में इन दिनों चल रहा एक सरकारी निर्माण कार्य विवादों के घेरे में आ गया है। इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस परियोजना में न तो नियमों का पालन किया जा रहा है और न ही निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है। सबसे बड़ी आपत्ति इस बात को लेकर है कि कार्यस्थल पर कोई भी सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से संदिग्ध नजर आ रही है।
नियमानुसार किसी भी सरकारी योजना की शुरुआत से पहले वहां एक सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य होता है। इस बोर्ड पर योजना का नाम, संबंधित विभाग, स्वीकृत राशि, संवेदक का नाम और कार्य पूरा होने की समय-सीमा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होनी चाहिए ताकि आम जनता को इसकी जानकारी रहे। मुड़ाडीह बाजार में इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को यह तक नहीं पता कि यह शेड निर्माण किस योजना के तहत और कितनी लागत से कराया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह विकास कार्य काफी समय से लटका हुआ था। जब काम शुरू हुआ तो लोगों को उम्मीद थी कि एक बेहतर और मजबूत निर्माण देखने को मिलेगा, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा, शेड के नक्शे और आकार को लेकर भी लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है। पहले इसे एक निश्चित सीमा तक बनाना तय हुआ था, लेकिन बाद में कथित तौर पर एक रसूखदार की दुकान को बचाने के लिए निर्माण क्षेत्र को छोटा कर दिया गया। लोगों का आरोप है कि प्रभावशालियों के दबाव में आकर जनहित के इस कार्य के साथ समझौता किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी साफ उजागर हुई है। जब इस संबंध में भितहा प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस निर्माण कार्य के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। बीडीओ का यह बयान अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े करता है कि आखिर उनके अधिकार क्षेत्र में बिना उनकी अनुमति या जानकारी के कौन सा विभाग यह निर्माण करवा रहा है और इसका असली जिम्मेदार कौन है।
दूसरी ओर, इस गंभीर मुद्दे पर जब स्थानीय कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा से मीडिया प्रभारी दिनकर मिश्रा ने बात की, तो विधायक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर हैं और इस संबंध में तुरंत बीडीओ से वार्ता कर रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी पैसों का दुरुपयोग और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में तकनीकी मानकों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, ग्रामीणों ने जिला और प्रखंड प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस निर्माण कार्य की किसी निष्पक्ष तकनीकी टीम से जांच नहीं कराई गई और कार्यस्थल पर पारदर्शिता के लिए बोर्ड नहीं लगाया गया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। अब देखना यह होगा कि जनभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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