बगहा में अवैध लॉटरी नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा प्रहार, गिरोह का मुख्य सरगना भारी मात्रा में टिकटों के साथ दबोचा गया

बिहार के पश्चिम चंपारण जिला अंतर्गत बगहा पुलिस को आर्थिक अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटखौली थाना क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े अवैध लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की गई। एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी निहार भूषण के नेतृत्व में जिला आसूचना इकाई और पटखौली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाकर कैलाश नगर वार्ड संख्या सात के रहने वाले कृष्णा कुमार को उसके ठिकाने से दबोच लिया। आरोपी के पिता का नाम राजदेव कुशवाहा बताया जा रहा है।
लंबे समय से चल रहे इस काले कारोबार के कारण स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। आरोपी ने एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था, जहां संदिग्ध तत्वों का लगातार जमावड़ा लगा रहता था। पुलिस टीम को आरोपी के घर से तलाशी के दौरान छह बोरों में भरे अवैध लॉटरी टिकट, एक ओप्पो मोबाइल फोन, जेब्रोनिक्स का एलसीडी मॉनिटर, सीपीयू और की-बोर्ड बरामद हुआ है।
पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच में इस सिंडिकेट के अंतरजिला कनेक्शन का भी पर्दाफाश हुआ है। आरोपी के मोबाइल से मिले व्हाट्सऐप चैट और वॉयस नोट्स से साफ हुआ है कि वह पूर्णिया जिले के सनौली चौक निवासी मनीष केडिया नामक व्यक्ति के संपर्क में था। यह पूरा अवैध खेल मुजफ्फरपुर से संचालित हो रहा था, जहां से जय माता दी नामक बस के जरिए हर हफ्ते लॉटरी टिकटों की खेप बगहा भेजी जाती थी। इसके बाद आरोपी इन टिकटों को स्थानीय एजेंटों में बांटता था।
जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट पूरी तरह डिजिटल और हाईटेक तरीके से काम कर रहा था। लॉटरी का खेल रोजाना दोपहर एक बजे, शाम छह बजे और रात आठ बजे यानी तीन शिफ्टों में खेला जाता था और अगले दिन इसके नतीजे व्हाट्सऐप पर ही जारी किए जाते थे। पैसों का लेनदेन भी पूरी तरह ऑनलाइन माध्यमों से होता था। वॉयस चैट से यह भी पता चला है कि लॉटरी टिकट पहले उधार पर मंगाए जाते थे और बिक्री पूरी होने के बाद अगले सप्ताह उनका भुगतान किया जाता था।
इस सफल छापेमारी अभियान में एसडीपीओ निहार भूषण के साथ पटखौली थानाध्यक्ष उत्पल कांत, पुलिस अवर निरीक्षक दिनेश मेहरा और डीआईयू की टीम शामिल थी। पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके। बगहा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।


