नेताओं के झूठे वादे और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ा बोडहा नदी का पुल, पानी बढ़ते ही पांच पंचायतों की थमी जिंदगी

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के गौनाहा प्रखंड से विकास के दावों को मुंह चिढ़ाती एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। क्षेत्र में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते बोडहा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इसके कारण बेलसंडी पंचायत के टिकुल टोला के पास नदी पर पुल न होने से करीब पांच पंचायतों का संपर्क मुख्य बाजार और बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह कट गया है। हर साल मानसून में हजारों ग्रामीणों को इस गंभीर संकट का सामना करना पड़ता है, लेकिन डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी यहां पुल का निर्माण धरातल पर नहीं उतर सका है।
स्थानीय निवासियों में इस उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से लगातार जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। हर चुनाव में वोट मांगने आने वाले सांसद, विधायक और विभिन्न दलों के नेता टिकुल टोला आकर बड़े-बड़े दावे करते हैं और पुल बनवाने का भरोसा देते हैं। मगर चुनाव बीतते ही नेताओं के ये वादे और आश्वासन सरकारी फाइलों की धूल में कहीं खो जाते हैं। आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस थारूहट क्षेत्र के निवासियों के लिए नरकटियागंज ही सबसे बड़ा व्यापारिक और स्वास्थ्य केंद्र है। बाजार, बैंक, सरकारी दफ्तर और अस्पतालों के लिए लोगों को इसी रास्ते से नरकटियागंज जाना पड़ता है। नदी में बाढ़ जैसे हालात होते ही यह सीधा मार्ग बंद हो जाता है, जिससे लोगों को मजबूरी में 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करके घूमकर जाना पड़ता है। इस घुमावदार रास्ते के कारण समय और पैसे का भारी नुकसान हो रहा है।
जलभराव के कारण सबसे बदतर स्थिति गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों की हो जाती है। सड़क संपर्क टूटने और एंबुलेंस न पहुंच पाने के कारण कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे रास्ते में ही उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि मानसून के दौरान प्रशासनिक अधिकारी सिर्फ स्थिति का मुआयना करने आते हैं, लेकिन पानी सूखते ही समस्या को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
स्थानीय जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। ग्रामीणों ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि बेलसंडी पंचायत के टिकुल टोला में बोडहा नदी पर अविलंब पुल निर्माण शुरू कराया जाए। लोगों का साफ कहना है कि अब वे खोखले आश्वासनों से बहलने वाले नहीं हैं। अगर जल्द ही पुल का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में वे उग्र जनआंदोलन करने पर मजबूर होंगे।


