बगहा में विवाहिता की संदिग्ध मौत, ऑनलाइन शॉपिंग के भुगतान से जुड़ रहे हैं तार, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी

घर में फंदे से लटका मिला तीन बच्चों की मां का शव, पति रहता है बाहर, पुलिस हर पहलू की कर रही है बारीकी से जांच
रामनगर धूसवा टोला की घटना
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा पुलिस जिला से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पिपरासी थाना क्षेत्र के रामनगर धूसवा टोला में 26 वर्षीय एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव उसके ही घर के एक कमरे में पंखे के सहारे साड़ी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी फॉरेंसिक टीम
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पिपरासी थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को भी मौके पर बुलाया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और वहां से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि मौत के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक महिला की पहचान 26 वर्षीय दुर्गावती देवी के रूप में की गई है, जो गुड्डू यादव की पत्नी थी। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्गावती की शादी करीब नौ साल पहले हुई थी और वह तीन छोटे बच्चों की मां थी। उसका पति गुड्डू यादव अपनी आजीविका चलाने और परिवार के भरण-पोषण के लिए घर से दूर रहकर काम करता है।
क्या है ऑनलाइन शॉपिंग का पूरा मामला
गांव और आसपास के इलाके में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि दुर्गावती ने हाल ही में ऑनलाइन माध्यम से कुछ सामान ऑर्डर किया था। उस सामान के पेमेंट या भुगतान को लेकर उसने पैसों की मांग की थी। हालांकि, ससुराल के सदस्यों ने इस बात से पूरी तरह इनकार किया है। उनका कहना है कि पैसों को लेकर या ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर घर में किसी भी तरह का कोई झगड़ा या विवाद नहीं हुआ था। पुलिस प्रशासन ने भी फिलहाल इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पुलिस इसे जांच का एक मुख्य बिंदु मानकर चल रही है।
आधी रात को बच्चों के रोने से खुला राज
बताया जा रहा है कि देर रात अचानक दुर्गावती के कमरे से उसके बच्चों के रोने की तेज आवाजें आने लगीं। रोने की आवाज सुनकर जब घर के अन्य सदस्य जाग गए और उसके कमरे के पास पहुंचे, तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो खिड़की या अन्य माध्यम से अंदर झांक कर देखा गया। अंदर का नजारा देखते ही सबके होश उड़ गए; दुर्गावती का शव फंदे से झूल रहा था। इसके तुरंत बाद ग्रामीणों और पुलिस को इस बात की सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए बगहा अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।
पिपरासी थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने मीडिया को बताया कि पहली नजर में यह मामला खुदकुशी का लग रहा है। लेकिन मौत की असली और सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बिना किसी ठोस सबूत के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेगी और सभी संभावित कोणों से मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर मृतका के मायके वाले या परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत या आवेदन आता है, तो उसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

