
बिहार विधानसभा चुनाव का मंच सज चुका है। पार्टियों ने अलग अलग सीटों पर अपनी मांग रखनी शुरू कर दी है, साथ ही प्रत्याशियों ने भी अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। इन्हीं खबरों के बीच अचानक सीनियर IAS एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव एवं पूर्व जिलाधिकारी, पश्चिमी चंपारण दिनेश कुमार राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि 13 जून को दिनेश कुमार राय ने अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे 14 जुलाई को स्वीकृत किया गया एवं 15 जुलाई से उन्हें सेवानिवृति दे दी गई। बता दें कि दिनेश कुमार राय पूर्व में 9 वर्षों तक नीतीश कुमार के निजी सचिव रह चुके हैं, और साथ ही 2 वर्ष तक पश्चिमी चंपारण जिले में जिलाधिकारी भी रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो दिनेश कुमार राय ने यह इस्तीफा राजनैतिक शुरुआत के लिए दिया है। दिनेश कुमार राय सासाराम के करगहर विधानसभा सीट से मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। विगत माह जून में करगहर के कुशही गांव में उनके प्रोन्नति के उपरांत उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें दस हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही, एवं सबने एक स्वर में उनके इस्तीफे की मांग की थी, तब से यह तय था कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो दिनेश कुमार राय करगहर विधानसभा के सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं। कयास यह भी है कि अगर नीतीश कुमार जंपर विश्वास दिखाते हैं तो उनकी उम्मीदवारी की संभावना से यह तय माना जा रहा है कि ना केवल यहां से कांग्रेस का सफाया होगा, साथ ही साथ एक बड़े मार्जिन से पार्टी को बढ़त भी मिलेगी। दिनेश कुमार राय की उम्मीदवारी का सबसे बड़ा कारण उनकी सार्वजनिक स्वीकार्यता है, और सभी जाति वर्ग के लोगों में के लोगों की वो पहली पसंद हैं। साथ ही क्षेत्रीय लोगों की माने तो उनके अनुसार पद पर रहते हुए दिनेश कुमार राय ने हजारों लोगों की व्यक्तिगत मदद की है, एवं शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। ऐसे में उम्मीद है कि वो करगहर विधानसभा के मजबूत दावेदार के रूप में भी दिख सकते हैं।




