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बेगूसराय में पत्रकार अजीत अंजुम के खिलाफ एफआईआर, प्रशासन ने लगाया भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप

बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में वरिष्ठ पत्रकार और यूट्यूबर अजीत अंजुम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अंजुम पर आरोप है कि उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान बलिया प्रखंड सभागार में बिना अनुमति प्रवेश किया, सरकारी कामकाज में बाधा डाली और भ्रामक रिपोर्टिंग कर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की।

एफआईआर बलिया थाना में दर्ज की गई है। शिकायत साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मोहम्मद अंसारुल हक ने दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि 12 जुलाई की सुबह करीब 9:30 बजे अजीत अंजुम अपनी टीम और कैमरामैन के साथ बलिया प्रखंड सभागार पहुंचे और बिना अनुमति अंदर घुसकर सवाल-जवाब करने लगे।

क्या हुआ था उस दिन?

बीएलओ हक के मुताबिक़, उस समय वह बीएलओ एप पर वोटर लिस्ट के फार्मों की जानकारी अपलोड कर रहे थे। तभी अजीत अंजुम और उनकी टीम वहां पहुंचे और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या, उनके दस्तावेजों की स्थिति और फार्म लौटाने जैसे मुद्दों पर सवाल पूछने लगे। बीएलओ ने उन्हें बताया कि उनके बूथ पर 1020 मतदाता हैं और सभी का डेटा अपलोड हो चुका है।

बीएलओ का दावा है कि अजीत अंजुम बार-बार इस बात पर जोर देते रहे कि मुस्लिम मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है, जबकि बीएलओ ने इसे गलत बताया। उनका आरोप है कि अंजुम और उनकी टीम करीब एक घंटे तक सभागार में मौजूद रही, जिससे सरकारी कामकाज बाधित हुआ।

प्रशासन का पक्ष

बेगूसराय जिला प्रशासन ने इस मामले में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि अजीत अंजुम द्वारा अपने यूट्यूब चैनल पर प्रसारित की गई रिपोर्ट में कई तथ्य गलत और भ्रामक हैं, जिससे समाज में भ्रम और सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है। प्रशासन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की।

पत्रकार अजीत अंजुम पर कौन-कौन से आरोप?

एफआईआर में अजीत अंजुम और उनकी टीम पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सरकारी काम में बाधा डालने, बिना अनुमति सरकारी दफ्तर में प्रवेश करने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।

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