बिहार शराबबंदी को चुनौती: बगहा में मुरी-चना के बोरों के नीचे छिपाई 635 लीटर विदेशी शराब जब्त, उत्तर प्रदेश से जुड़े तार, दो गिरफ्तार

बगहा। बिहार में कड़े शराबबंदी कानून के बाद भी अवैध शराब के सिंडिकेट का नेटवर्क कमजोर होने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस की तमाम कड़ाई को धता बताकर तस्कर नए-नए हथकंडों के जरिए सूबे में शराब खपाने की कोशिशों में जुटे हैं। इसी कड़ी में बगहा पुलिस जिला के धनहा थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए धनहा-रतवल पुल पर करीब 635 लीटर विदेशी शराब की बड़ी खेप को जब्त किया है। इस दौरान मौके से दो शराब तस्करों को भी दबोचा गया है, जिन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार तड़के धनहा थाना पुलिस सीमावर्ती धनहा-रतवल पुल पर नियमित रूप से वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी बीच उत्तर प्रदेश की सीमा की तरफ से आ रही एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी को पुलिस टीम ने रुकवाया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो ऊपर मुरी और चना के बोरे लदे हुए थे। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो इन बोरों के नीचे भारी मात्रा में शराब के कार्टन छिपाकर रखे गए थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 635 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ पिकअप को अपने कब्जे में ले लिया।
मामले की पुष्टि करते हुए धनहा थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए धंधेबाजों की पहचान मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले रोहित कुमार और उत्तर प्रदेश के बोदरवार ग्राम निवासी रौशन लाल वर्मा के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
थानाध्यक्ष ने साफ लहजे में कहा कि सीमा पार से होने वाली इस अवैध गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर है। उत्तर प्रदेश से सटे सीमावर्ती रूटों पर गश्त और जांच अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
इस बड़ी कामयाबी के बावजूद यह घटना सूबे की कानून व्यवस्था और शराबबंदी के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। आए दिन होने वाली ये बरामदगियां साफ संकेत देती हैं कि तस्करों का नेटवर्क अंदर तक पैठा हुआ है। जानकारों का मानना है कि शराबबंदी को पूरी तरह सफल बनाने के लिए केवल खेप पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे रैकेट के मुख्य सरगनाओं और उनकी सप्लाई चेन को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा।




