वीआईपी दौरे के समय बनी सड़क बनी आफत, पतिलार के मिश्रौली टोला में बदहाली से बेहाल ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों के प्रति गहराया आक्रोश

बगहा-1 (पश्चिम चंपारण)।
पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 प्रखंड स्थित पतिलार पंचायत के वार्ड संख्या 14 (मिश्रौली टोला) में धरातल की हकीकत विकास के तमाम दावों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। वर्ष 2017 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आनन-फानन में बनाई गई सड़क आज पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। कभी जल्दबाजी में तैयार किया गया यह मार्ग अब गड्ढों, कीचड़ और दूषित पानी का केंद्र बन चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मानसून के दस्तक देते ही इस रास्ते की सूरत किसी छोटे तालाब जैसी नजर आने लगती है। हर दिन गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना यहां के लोगों की मजबूरी बन चुका है। इसका सबसे अधिक प्रभाव स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार बच्चे विद्यालय जाते समय फिसलकर चोटिल हो जाते हैं, वहीं दुर्घटना के डर से दोपहिया वाहन चालक दूसरे रास्तों से जाने को विवश हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय पंचायत प्रतिनिधि क्षेत्र के कायाकल्प के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही वे आम जनता की तकलीफों से मुंह मोड़ लेते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार मौखिक और लिखित रूप से गुहार लगाने के बावजूद न तो इस सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही जल निकासी के लिए नाले का सफ़ाई नहीं कराईं गई
मार्ग की इस दयनीय स्थिति का सीधा असर स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। जलजमाव के कारण ग्राहकों की आवाजाही ठप पड़ जाती है, जिससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में गांव तक एंबुलेंस या अन्य वाहन पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव में हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क का पुनरुद्धार कराया जाए और जल निकासी के लिए नाली की स्थायी व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।


