बगहा में टीबी मुक्त भारत अभियान: मरीजों को मिली पोषण पोटली और टीपीटी किट, अफसरों ने दिए सेहतमंद रहने के टिप्स

बगहा, पश्चिम चंपारण
देश को क्षय रोग से मुक्त करने के अभियान के तहत बगहा स्थित अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, अस्पताल के उपाधीक्षक तथा बगहा-1 के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की मौजूदगी में टीबी से जूझ रहे मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की गई। इसके साथ ही मरीजों को खान-पान में सुधार लाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की महत्वपूर्ण सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीबी के असरदार इलाज में दवाओं के साथ संतुलित और पौष्टिक आहार की भूमिका सबसे अहम होती है। मरीजों की इम्युनिटी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें चना, दाल, सत्तू, सोयाबीन, गुड़ और उच्च प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों की किट सौंपी गई, ताकि वे तेजी से रिकवर कर सकें।
इस मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मरीजों और उनके तीमारदारों को बीमारी से बचाव के तरीके समझाए। उन्हें नियमित रूप से दवाएं खाने, खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल रखने, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और पौष्टिक भोजन लेने का परामर्श दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि अगर डॉक्टर की सलाह के अनुसार बिना किसी रुकावट के पूरी खुराक ली जाए, तो क्षय रोग पूरी तरह खत्म हो जाता है।
संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए 4 मरीज परिवारों को टीपीटी यानी टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट किट भी प्रदान की गई। यह किट उन लोगों को दी जाती है जो मरीज के सीधे संपर्क में रहते हैं, ताकि उन्हें इस बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सके।
अस्पताल प्रबंधन ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो हफ्ते से ज्यादा खांसी रहे, हल्का बुखार बने रहे, अचानक वजन घटने लगे या रात में पसीना आए, तो उसे बिना देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल जाना चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की जांच से लेकर पूरा इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के कई डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, टीबी विभाग के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासनिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


