लापरवाही की भेंट चढ़ा वायनाड: सुरंग की मिट्टी ने मचाई तबाही, सरकार बोली- यह कुदरती नहीं, मानव निर्मित आपदा है

केरल का वायनाड जिला एक बार फिर बड़े हादसे की चपेट में है। इस बार आए भीषण भूस्खलन को लेकर राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रदेश के कृषि मंत्री टी सिद्दीकी ने इस पूरी घटना को प्राकृतिक मानने से इनकार करते हुए इसे एक ‘मानव निर्मित आपदा’ करार दिया है। मंत्री सिद्दीकी के मुताबिक, क्षेत्र में सुरंग की खुदाई के बाद निकले मलबे और मिट्टी को बेहद अवैज्ञानिक ढंग से एक जगह पर इकट्ठा किया गया था, जो इस भारी तबाही की मुख्य वजह बना। उन्होंने बताया कि इस लापरवाही को लेकर पहले भी चेतावनी जारी की गई थी और काम रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ठेकेदारों ने इन आदेशों की पूरी तरह अनदेखी की।
इस भयावह हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मूसलाधार बारिश के बीच एक पुल के पास जमा मिट्टी का विशालकाय ढेर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। गौरतलब है कि यह हादसा उसी मेप्पाडी पंचायत में हुआ है, जिसने साल 2024 में भी बेहद दर्दनाक भूस्खलन का सामना किया था।
अधिकारियों की अनदेखी पड़ी भारी: मुख्यमंत्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री पी. के. बशीर और जिला कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदारों को वहां से भारी मात्रा में जमा मलबा तुरंत हटाने का सख्त हुक्म दिया था। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह हादसा मौसम का पूर्वानुमान न मिलने के कारण नहीं, बल्कि ठेकेदारों द्वारा प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करने और समय पर मिट्टी न हटाने की वजह से हुआ है। फिलहाल, प्रभावित इलाके में प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी: वायनाड में भारी बारिश का रेड अलर्ट
इस बीच वायनाड में मौसम के मिजाज ने राहत कार्यों में बाधा डालना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को पूरे जिले के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। जिले के मानंतवाडी और वायथिरी जैसे इलाकों में पहले से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे रेस्क्यू टीमों को मलबे में फंसे लोगों को निकालने और राहत पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



