डीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाकर तपती धूप में खुला रहा बगहा का जेपी इंटरनेशनल स्कूल, जांच के आदेश

बगहा में भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों को ताक पर रखने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पश्चिमी चंपारण के जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने बढ़ते तापमान और नौनिहालों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर 22 जून से 24 जून तक कक्षा एक से पांच तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने का सख्त आदेश दिया था। इसके बावजूद बगहा प्रखंड-1 के अंतर्गत अहिरौलिया गांव में स्थित जे.पी. इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में नियमों को ठेंगा दिखाकर क्लास चलाई जा रही थीं।
सरेआम नियमों का उल्लंघन तब उजागर हुआ जब चिलचिलाती धूप और उमस के बीच मासूम बच्चे स्कूल परिसर में दोपहर का भोजन करते पाए गए। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब जिला प्रशासन ने बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर छुट्टी की घोषणा की थी, तो स्कूल प्रबंधन ने मासूमों की जान जोखिम में डालकर संस्थान खोलने की जुर्रत कैसे की। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक आदेशों की अवमानना और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
इस पूरे घटनाक्रम पर जब विद्यालय के प्रधानाचार्य शत्रुध्न कुमार से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना दलील दी। प्राचार्य का कहना था कि वह क्षेत्र से बाहर थे, जिस वजह से उन्हें स्कूल बंदी के सरकारी आदेश की सूचना नहीं मिल सकी। हालांकि, उनकी यह सफाई किसी के गले नहीं उतर रही है। जिले भर के तमाम छोटे-बड़े स्कूलों ने जिलाधिकारी के आदेश का अक्षरशः पालन किया, ऐसे में एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के मुखिया का यह कहना कि उन्हें आदेश का पता नहीं था, प्रबंधन की घोर लापरवाही और प्रशासनिक तंत्र के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन के दिशा-निर्देशों से अपडेट रहना अनिवार्य जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद इलाके में बिना मान्यता और तय मानकों के धड़ल्ले से चल रहे निजी स्कूलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में ऐसे कई प्राइवेट स्कूल हैं जो बिना उचित पंजीकरण के वर्षों से फल-फूल रहे हैं, जिन पर लगाम कसना बेहद जरूरी हो गया है। जे.पी. इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के इस रवैये ने निजी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूरण कुमार शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जे.पी. इंटरनेशनल स्कूल द्वारा जिलाधिकारी के आदेश के उल्लंघन की शिकायत मिली है। इस मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में जो भी कमियां या दोषी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस लापरवाह प्रबंधन पर क्या एक्शन लेता है।
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