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भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा सख्त, अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर

पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सामरिक सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘ऑपरेशन क्लीन’ नाम के इस विशेष अभियान के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकारी जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को तेजी से हटाया जा रहा है। इसी क्रम में बाड़मेर जिले के सीमावर्ती मालाणा गांव में सरकारी भूमि पर बने एक अवैध ढांचे को जमींदोज किया गया है। इसके साथ ही आस-पास के कई अन्य संवेदनशील इलाकों में भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है यह क्षेत्र

राजस्थान का करीब 1070 किलोमीटर लंबा हिस्सा पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। यह पूरा बॉर्डर क्षेत्र मुख्य रूप से पांच जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और नए गठित जिले फलौदी के अंतर्गत आता है। सुरक्षा के लिहाज से यह पूरा रेगिस्तानी इलाका बेहद महत्वपूर्ण है। यहां भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हैं। जोधपुर में वायुसेना का प्रमुख स्टेशन है, जबकि जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में भी रणनीतिक एयरफोर्स बेस मौजूद हैं। हाल ही में सीमा पार से हुई मिसाइल और ड्रोन जैसी अवांछित गतिविधियों के बाद यहां चौकसी और बढ़ा दी गई है।

देश विरोधी हरकतों पर लगाम लगाने की तैयारी

रेगिस्तानी और सुदूर इलाका होने के कारण सीमा पार से लगातार घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों की सप्लाई की कोशिशें होती रहती हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां और नेटवर्क अक्सर इस क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थानीय लोगों को बरगलाने और उनसे संपर्क साधने का प्रयास करते हैं। पूर्व में कैमरे लगे पक्षी और संदिग्ध गुब्बारे मिलने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में बॉर्डर के पास बने अवैध निर्माण देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं, क्योंकि आपातकाल के दौरान ये सुरक्षा बलों के आवागमन में बाधा डालते हैं और अवांछित तत्वों के लिए छिपने की जगह बन सकते हैं।

गृहमंत्री के दौरे के बाद शुरू हुआ महाअभियान

कुछ समय पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था। बीकानेर की सांचू पोस्ट पर बीएसएफ जवानों का हौसला बढ़ाने के साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा की थी। गृहमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सीमा के पास किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र के दायरे को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है। इसके चलते अब इस दायरे में आने वाले सौर ऊर्जा (सोलर प्लांट) क्षेत्रों और अन्य जमीनों की भी नए सिरे से स्क्रूटनी की जा रही है।

300 से अधिक लोगों को दिए गए नोटिस, भारी पुलिस बल तैनात

प्रशासन ने इस अभियान को पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत अमलीजामा पहनाना शुरू किया है। राजस्व रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है। अब तक बॉर्डर से सटे गांवों में 300 से ज्यादा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी विरोध से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बाड़मेर के गडरारोड़ उपखंड से शुरू हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी जारी रहेगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है और सुरक्षा कारणों से मीडिया को भी एक निश्चित दूरी पर रखा गया है।

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