कासगंज एनकाउंटर: शादी का कार्ड दिखा घर में घुसे बदमाश, बहू ने कमरे में किया बंद, पुलिस मुठभेड़ में दो को लगी गोली

कासगंज के पटियाली में बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार की जान बचाई बल्कि तीन शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। शादी का कार्ड देने के बहाने एक फौजी के घर में घुसे तीन हथियारबंद बदमाशों को घर की बहू ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक चले हाई-वॉल्यूम पुलिस ऑपरेशन और दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने सभी बदमाशों को दबोच लिया। मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जबकि एक बदमाश ने छत से कूदकर भागने की कोशिश में अपने हाथ-पैर तुड़वा लिए।
असम राइफल्स में तैनात फौजी राघवेंद्र सिंह यादव का मकान पटियाली-गंजडुंडवारा रोड पर जिलानी गेस्ट हाउस के पास स्थित है। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे उनका बेटा राहुल यादव और दस साल का पोता आर्यन नीचे के कमरे में आराम कर रहे थे। वहीं बहू टिंकी यादव ऊपरी मंजिल पर घरेलू काम में व्यस्त थीं। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने दरवाजा खटखटाया।
जैसे ही राहुल ने गेट खोला, बदमाशों ने शादी का निमंत्रण पत्र देने का नाटक किया और पलक झपकते ही राहुल के चेहरे पर तमंचे की बट से जोरदार हमला कर दिया। राहुल खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर जब टिंकी और उनका बेटा नीचे आए, तो बदमाशों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को बंधक बनाने का प्रयास किया।
संकट की इस घड़ी में बहू टिंकी ने हिम्मत नहीं हारी। वह बदमाशों से भिड़ गईं और शोर मचाना शुरू कर दिया। घर के अंदर मचे हंगामे को सुनकर पास में मौजूद स्थानीय लोग मकान की तरफ दौड़ पड़े। बाहर भीड़ जुटती देख अपराधी घबरा गए और परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए ऊपरी मंजिल की तरफ भागे। इसी मौके का फायदा उठाकर टिंकी अपने घायल पति और बच्चे को लेकर तुरंत घर से बाहर निकल आईं और मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य दरवाजे की कुंडी बाहर से लगा दी। इस तरह तीनों शिकारी खुद अपने ही जाल में फंस गए।
घर के अंदर डकैतों के कैद होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में चार थानों की भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। खुद को चारों तरफ से घिरा देख शौर्य प्रताप नाम के एक बदमाश ने तीन मंजिला इमारत की छत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
बाकी बचे दो बदमाश अंदर ही छिपे रहे। पुलिस ने लाउडस्पीकर से उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। शाम सवा सात बजे पुलिस ने हाईवे का ट्रैफिक रुकवाया और सीढ़ी के सहारे मकान की ऊपरी मंजिल में दाखिल हुई। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। करीब चार राउंड हुई इस मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए घायल बदमाशों की पहचान अभिषेक और विकास के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
मुठभेड़ की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के हजारों लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे पटियाली-गंजडुंडवारा मार्ग पर लंबा जाम लग गया। जैसे ही घर के अंदर से गोलियों की आवाजें गूंजीं, तमाशबीन बनी भीड़ डर के मारे पीछे हट गई। एसपी कासगंज ओपी सिंह और अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर बदमाशों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है।

