बिहार पुलिस का बढ़ा दम: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुरक्षा बेड़े में शामिल कीं 84 नई गाड़ियां, बोले– जनता का भरोसा जीतना सरकार का मुख्य लक्ष्य

पटना। सूबे की कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और पुलिसिया तंत्र को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस के आधुनिक बेड़े में 84 नई अत्याधुनिक गाड़ियों को शामिल किया। इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि राज्य के हर नागरिक को सुरक्षित माहौल देना और प्रदेश में कानून का राज कायम रखना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर के साथ अपराध के तौर-तरीके बदले हैं, इसलिए पुलिस को भी आधुनिक संसाधनों से लैस करना बेहद जरूरी है। सरकार पुलिस बल को तकनीकी और भौतिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि अपराधी तत्वों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जा सके।
बेड़े में शामिल हुईं गश्ती गाड़ियां, बसें और एम्बुलेंस
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुल 84 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। इसमें विभिन्न जिलों में गश्त और क्विक रिस्पांस के लिए 30 आधुनिक चार पहिया वाहन, पुलिस जवानों और आपात स्थिति में आम लोगों की मदद के लिए 6 एडवांस एम्बुलेंस और बल के सुरक्षित व सुगम आवागमन के लिए 48 नई बसें शामिल हैं। इन नए वाहनों के आने से आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया का समय (रिस्पांस टाइम) काफी कम हो जाएगा, जिससे पुलिस मौके पर तेजी से पहुंच सकेगी।
इस भव्य समारोह में उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र कुमार यादव, राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गृह विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे बिहार पुलिस के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।
सुरक्षा और विकास के लिए पुलिस-जनता का समन्वय जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि केवल हथियारों या वाहनों से अपराध नहीं रुकता, बल्कि इसके लिए जनता और पुलिस के बीच अटूट विश्वास होना जरूरी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे आम लोगों के प्रति संवेदनशील रहें और पूरी ईमानदारी व अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो और अपराधियों के मन में खौफ।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने खुद सभी गाड़ियों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संसाधनों का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ किया जाए। सरकार की इस पहल से अब ग्रामीण और सुदूर इलाकों में भी पुलिस की पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे राज्य के कोने-कोने में सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।



