चंपारण के लाल कुमार कुणाल का दोहरा धमाका, नीट और आईएटी 2026 दोनों राष्ट्रीय परीक्षाओं में गाड़े सफलता के झंडे

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत आने वाले बगहा नगर के एक होनहार छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सिटी मोंटेसरी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले मेधावी छात्र कुमार कुणाल ने देश की दो सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक साथ सफलता का परचम लहराया है। कुमार कुणाल ने नीट 2026 और आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट यानी आईएटी 2026 दोनों ही परीक्षाओं में शानदार रैंक हासिल की है। उनकी इस दोहरी सफलता से न सिर्फ उनके परिवार में जश्न का माहौल है, बल्कि पूरे बगहा और पश्चिम चंपारण जिले का नाम देश भर में रोशन हुआ है। चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जरूरी इन दोनों परीक्षाओं को एक ही साल में क्रैक करना कुणाल की असाधारण मेहनत को दर्शाता है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से जारी किए गए नीट 2026 के नतीजों में कुमार कुणाल ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने परीक्षा में 720 अंकों में से 639 अंक प्राप्त किए हैं। इस बेहतरीन स्कोर के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया स्तर पर 2431वीं रैंक अपने नाम की है। वहीं, अगर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी की बात करें तो देश भर में उनका 884वां स्थान रहा है। कुणाल का विषयवार प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। उन्हें रसायन विज्ञान में 99.94 पर्सेंटाइल, भौतिक विज्ञान में 99.75 पर्सेंटाइल और जीव विज्ञान में 97.86 पर्सेंटाइल मिले हैं, जो उनकी बेहतरीन तैयारी की गवाही देते हैं।
नीट में अपनी धाक जमाने के साथ-साथ कुमार कुणाल ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) की ओर से आयोजित आईएटी 2026 में भी कमाल कर दिखाया है। इस परीक्षा में उन्होंने पूरे भारत में 236वीं रैंक हासिल की है, जबकि ओबीसी कैटेगरी में देश भर में उनकी 41वीं रैंक रही है। एक साथ दोनों कठिन परीक्षाओं को पास करना कुणाल की बहुमुखी प्रतिभा और बिना रुके लगातार की गई पढ़ाई का ही परिणाम है।
कुमार कुणाल की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर उनके स्कूल के प्रबंध निदेशक सौरभ के. स्वतंत्र ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने बताया कि कुमार कुणाल शुरुआत से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर, अनुशासित और एकाग्र रहने वाले छात्र रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अपनी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में भी 94 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल में टॉप किया था। प्रबंध निदेशक ने कहा कि कुणाल की यह सफलता पूरे विद्यालय के लिए एक गर्व का पल है और इससे स्कूल के दूसरे छात्र-छात्राओं को भी आगे बढ़ने और बड़ी सफलता हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।
आपको बता दें कि कुमार कुणाल के पिता अजीत प्रसाद पेशे से वकील हैं और उनकी माता अनीता देवी एक कुशल गृहिणी हैं। बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे परिवार ने खुशी जताई है। परिजनों ने इस कामयाबी का पूरा श्रेय कुणाल की रात-दिन की कड़ी मेहनत, उनके शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और स्कूल के पढ़ाई वाले सकारात्मक माहौल को दिया है। कुमार कुणाल की यह शानदार सफलता इस बात का बड़ा उदाहरण है कि अगर इरादे मजबूत हों, अनुशासन हो और सही दिशा मिले, तो छोटे शहरों के बच्चे भी देश के सबसे बड़े मंच पर अपनी कामयाबी का परचम लहरा सकते हैं।




