कौटिल्य पब्लिक स्कूल छात्र मौत मामला: सांसद सुनील कुमार ने पीड़ित परिवार को दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन

बगहा। पश्चिम चम्पारण के बगहा स्थित कौटिल्य पब्लिक स्कूल में एक छात्र की संदिग्ध हालत में हुई मौत के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। इस हृदयविदारक घटना ने जहां मृतक के परिवार को तोड़कर रख दिया है, वहीं स्थानीय जनता में भी भारी आक्रोश है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मृतक छात्र की शिनाख्त वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करमहवा टोला (भेड़िहारी) निवासी राजकिशोर शर्मा के पुत्र कृष कुमार के तौर पर हुई है। छात्र की रहस्यमय मौत को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं गर्म हैं और लोग पुलिस-प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार मंगलवार शाम पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। सांसद ने परिजनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे।
सांसद सुनील कुमार ने कहा कि एक होनहार छात्र की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में जान जाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामले की पारदर्शी और सघन जांच की जाए ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी की भी लापरवाही या संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सांसद ने आगे कहा कि न्याय के रास्ते में किसी को भी बाधक नहीं बनने दिया जाएगा। दोषी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे में आना ही होगा। वह खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
सांसद के इस दौरे के समय कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। विधान पार्षद शिवरानी देवी, जदयू नेता राकेश सिंह, जितेंद्र कुशवाहा, जुगनू आलम, धर्मजीत सिंह, श्रेयांशु कुमार, प्रकाश गुप्ता, वोट चतुर्वेदी, चितरंजन दूबे और मुन्ना सहनी सहित कई गणमान्य लोगों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
इस घटना के बाद से पूरे बगहा में तनाव और शोक का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तेजी दिखानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके और भविष्य में किसी भी शिक्षण संस्थान में मासूम बच्चों के साथ ऐसा हादसा न हो। फिलहाल, हर किसी की नजर पुलिस की तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।



