भितहा में राजकीय डिग्री कॉलेज का शानदार आगाज: वाल्मीकि नगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने किया भव्य उद्घाटन, सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं के उच्च शिक्षा का सपना अब सच

भितहा (पश्चिम चंपारण)।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत सुदूर सीमावर्ती ब्लॉक भितहा के लिए बुधवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। लंबे समय से उच्च शिक्षा संस्थान की राह देख रहे हजारों विद्यार्थियों का इंतजार अब खत्म हो गया है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से संबद्ध नवनिर्मित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, भितहा का विधि-विधान से उद्घाटन किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में स्थानीय अभिभावक व छात्र-छात्राएं साक्षी बने।
महाविद्यालय के भव्य उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वाल्मीकि नगर के लोकप्रिय विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि यह संस्थान सिर्फ एक नई इमारत नहीं, बल्कि हमारे ग्रामीण और सीमावर्ती अंचलों के विकास का एक मजबूत आधार स्तंभ है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज को जागरूक, समर्थ और आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने कहा कि भितहा, गौनाहा, रामनगर, वाल्मीकि नगर सहित तमाम नजदीकी ग्रामीण इलाकों के छात्र-छात्राओं को अब स्नातक (ग्रैजुएशन) की डिग्री लेने के लिए बेतिया, बगहा, मोतिहारी या अन्य दूरदराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियां अक्सर परिवहन साधनों की कमी और सुरक्षा कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। अब घर के समीप ही सुरक्षित माहौल में सरकारी डिग्री कॉलेज खुल जाने से बेटियों की पढ़ाई सुगम होगी। इससे महिला साक्षरता और महिला सशक्तिकरण को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में इस कॉलेज को और आधुनिक बनाया जाएगा, जिसमें विज्ञान, कला और वाणिज्य संकायों के साथ डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, एडवांस साइंस लैब्स और खेलकूद की शानदार सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि यहां के छात्र राष्ट्रीय पटल पर चमक सकें।
इस कार्यक्रम में प्रशासनिक गरिमा बढ़ाते हुए अंचलाधिकारी (सीओ) व गणमान्य प्रशासनिक निदेशक, डॉ. बी. एन. तिवारी, सौरभ आलोक, स्थानीय मुखिया भोला गुप्ता, तबरेज आलम, श्रीमती पवनदेवन सुल्तानिया, सुशील शर्मा, रामाधार साहदेव और श्रीमती सती जर्नन मिश्राणी भी मौजूद रहे। क्षेत्र के प्रमुख गणमान्य लोगों में ललन कुशवाहा, पंकज कुशवाहा, गब्बर कुशवाहा, संजय मुखिया, निलम्बर मिश्रैया, सुनील पाण्डेय, विनोद कुशवाहा, चंदन गुप्ता, मनोज यादव, पारितोष झा, सुरेन्द्र कुमार, समरजीत दुबे, सुनील लौटलिया, धनाहा मिश्रा, राम चौधरी, सुरेश कुमार के साथ-साथ शिक्षा जगत से जुड़े सुरेंद्र पाठक (बी.एड), कमल गायक और गुलाब जी उपस्थित रहे।
समारोह में आए अभिभावकों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने इस कॉलेज की स्थापना को पूरे चंपारण के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। लोगों का मानना है कि इस शैक्षणिक संस्थान के खुलने से केवल साक्षरता ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, परिवहन, हॉस्टल, बुक स्टोर और अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी। कॉलेज के शुभारंभ से छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले हुए थे, जो अब घर के पास ही कम खर्च में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
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