बगहा में टीबी उन्मूलन को लेकर विधायक राम सिंह की बड़ी पहल, पतिलार पीएचसी में मरीजों को बांटी पोषण सामग्री

बगहा/पतिलार। देश को क्षय रोग से मुक्त करने के राष्ट्रीय संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बगहा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम सिंह ने पतिलार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दौरा कर टीबी से ग्रसित मरीजों के बीच विशेष न्यूट्रिशन किट (पोषण सामग्री) का वितरण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मरीजों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें यह अहसास कराना है कि समाज और सरकार इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पीड़ित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
विधायक राम सिंह ने कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक मरीज से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार दवाइयों का कोर्स पूरा करने और पौष्टिक खानपान पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ मुफ्त दवाइयां देना ही नहीं है, बल्कि मरीजों को उचित पोषण देकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना भी है ताकि वे जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सकें।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि आज के समय में टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है। सही समय पर रोग की पहचान, लगातार दवा का सेवन और संतुलित आहार के बल पर इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकारें सामूहिक रूप से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच से लेकर इलाज और दवाओं की व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क की गई है।
विधायक राम सिंह ने सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी हो, लगातार बुखार रहे, वजन तेजी से घटे या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो उसे तुरंत पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने समाज से अपील की कि वे टीबी मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाकर मुख्यधारा में शामिल होने में मदद करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहे डॉक्टरों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए विधायक ने कहा कि जमीनी स्तर पर इन कोरोना योद्धाओं और स्वास्थ्य प्रहरियों की कड़ी मेहनत के कारण ही आज सुदूर गांवों में मरीजों की पहचान और उनका समय पर इलाज संभव हो पा रहा है।
अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारियों ने भी मरीजों को जागरूक करते हुए कहा कि टीबी की दवा को कभी भी बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। दवा का अधूरा कोर्स बीमारी को और अधिक गंभीर बना सकता है। इसके साथ ही भोजन में प्रोटीन और विटामिंस की मात्रा बढ़ाने की सलाह दी गई। राहत सामग्री पाकर मरीजों और उनके परिजनों ने जनप्रतिनिधि और अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार जताया और कहा कि इस तरह के दौरों से उनका आत्मबल बढ़ता है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना वर्मा, एमओसी प्रभारी राजेश कुमार सिंह, बीएचएम अमरेश कुमार, बीसीएम अशोक कुमार सिंह, क्लर्क सत्येंद्र राम, एएनएम ब्यूटी कुमारी, एएनएम स्वीटी कुमारी सहित सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एडमिन) रवि रंजन और एसटीएलएस (एडमिन) शमशाद आलम मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा गणमान्य नागरिकों में नितेश पाठक, काजू प्रसाद, अमित मिश्रा, राजन यादव, पप्पू राय सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

