चौतरवा में जमीन विवाद का खूनी खेल, मां को अगवा कर जबरन रजिस्ट्री कराने की कोशिश, पुलिस ने बचाई जान

पश्चिमी चंपारण के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत चौतरवा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां दबंगों ने हदें पार करते हुए न सिर्फ मारपीट और गाली-गलौज की बल्कि एक वृद्ध महिला को अगवा कर जबरन जमीन की रजिस्ट्री कराने का घिनौना प्रयास भी किया। पीड़ित युवक ने इस मामले को लेकर चौतरवा थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और पुलिस प्रशासन से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की पूरी जानकारी देते हुए पंडरी वार्ड संख्या आठ के रहने वाले प्रार्थी रामाशीष पासवान ने पुलिस को बताया कि उनके स्वर्गीय पिता रघुनाथ पासवान की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि दो नवंबर दो हजार छब्बीस की शाम करीब साढ़े सात बजे कुछ दबंग किस्म के लोग लाठी, फरसा और गड़ासा जैसे खतरनाक हथियारों से लैस होकर उनके दरवाजे पर आ धमके। इन लोगों ने प्रार्थी और उनकी बुजुर्ग मां के साथ जमकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की।
आरोप है कि हमलावर घर के अंदर तक घुस आए और वहां रखा एक लैपटॉप भी चोरी कर ले गए। बात यहीं खत्म नहीं हुई, दबंगों ने उनकी मां को जबरन उठाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए बेतिया कोर्ट ले जाने की नीयत से अगवा करने का कुत्सित प्रयास किया। इस दौरान उनकी मां को बेरहमी से पीटा गया और उन्हें खुली धमकी दी गई कि अगर उन्होंने अपनी जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं की तो उन्हें जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
अगले दिन यानी तीन नवंबर दो हजार छब्बीस को जब प्रार्थी चौतरवा कोर्ट के पास पहुंचे तो उन्हें वही संदिग्ध गाड़ी नजर आई जिसमें उनकी मां को ले जाने की आशंका थी। बिना देर किए उन्होंने आपातकालीन सेवा नंबर एक सौ बारह पर कॉल कर पुलिस को पूरी सूचना दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश नंबर की गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया और उसे चौतरवा थाना ले आई। पीड़ित का साफ तौर पर कहना है कि समय पर पुलिस के हस्तक्षेप और एक सौ बारह की त्वरित कार्रवाई के कारण ही उनकी मां की जान बच सकी और वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित बाहर आ सकीं।
इस गंभीर घटना के बाद से पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ है और आरोपियों की हरकतों से उनका जीना मुहाल हो गया है। प्रार्थी ने चौतरवा थानाध्यक्ष को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने, अपनी मां और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा जबरन जमीन की रजिस्ट्री कराने के अवैध प्रयासों पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर गुहार लगाई है। अब सबकी निगाहें चौतरवा थाने की पुलिस पर टिकी हैं कि वह इस सनसनीखेज मामले में कितनी जल्दी और क्या सख्त कार्रवाई करती है।



