ब्रिटिश राजनीति में महाभूकंप, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने छोड़ा पद; बोले— अब परिवार पहली प्राथमिकता

यूनाइटेड किंगडम के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। स्टार्मर के इस अचानक फैसले ने न सिर्फ ब्रिटेन बल्कि वैश्विक राजनीति को भी हैरान कर दिया है। अपने बेहद भावुक विदाई संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का नेतृत्व करना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रही, लेकिन अब वह एक पति और पिता के रूप में अपने परिवार को पूरा समय देना चाहते हैं।
विदाई भाषण के दौरान कीर स्टार्मर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी पत्नी विक्टोरिया स्टार्मर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि हर अच्छे-बुरे दौर में वह उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी रहीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने बच्चों को अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी बताया। संबोधन के तुरंत बाद स्टार्मर ने अपनी पत्नी को गले लगाया और प्रधानमंत्री आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट के भीतर चले गए।
सितंबर से पहले मिलेगा नया प्रधानमंत्री, तब तक कार्यवाहक रहेंगे स्टार्मर
कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि वह देश में सत्ता के शांतिपूर्ण और सुचारु बदलाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी किंग को दे दी है। इसके साथ ही उन्होंने लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) से नए उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के लिए कहा है।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, नए नेता के चयन के लिए नामांकन प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू की जाएगी। गर्मियों की छुट्टियों के समापन से पहले ही मतदान संपन्न करा लिया जाएगा, ताकि सितंबर में संसद का नया सत्र शुरू होने से पहले लेबर पार्टी देश को नया प्रधानमंत्री दे सके। तब तक देश की कमान अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर कीर स्टार्मर के हाथों में ही रहेगी। उन्होंने बीते छह वर्षों से अपने साथ मुस्तैदी से काम करने वाले कैबिनेट मंत्रियों, डाउनिंग स्ट्रीट के स्टाफ और सिविल सेवा के अधिकारियों का दिल से शुक्रिया अदा किया।
-
10 साल में छठे प्रधानमंत्री की विदाई, सियासी अस्थिरता पर फिर उठी उंगली
कीर स्टार्मर के इस इस्तीफे ने ब्रिटेन की राजनीतिक स्थिरता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले महज 10 वर्षों के भीतर पद छोड़ने वाले वह छठे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन गए हैं। लगातार बदलते शीर्ष नेतृत्व के कारण यूके की राजनीति में आया यह मोड़ बेहद अप्रत्याशित माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया और ब्रिटिश अवाम की नजरें लेबर पार्टी के भीतर होने वाली हलचलों पर टिकी हैं कि आखिर ब्रिटेन का अगला मुकुट किसके सिर सजेगा।




