ग्रेटर नोएडा में मोबाइल तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: 50 लाख के 100 स्मार्टफोन के साथ 3 शातिर दबोचे, फर्जी नंबर की पिकअप जब्त

ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने एक संगठित मोबाइल तस्कर गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी के स्मार्टफोन बरामद किए हैं। बरामद हुए सभी 100 मोबाइल फोन आईक्यूओओ कंपनी के हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने बदमाशों के पास से दो अवैध चाकू और चोरी का माल ढोने में इस्तेमाल होने वाली एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी भी जब्त की है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।
गुप्त सूचना पर सेक्टर-153 से हुई गिरफ्तारी
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम ने बताया कि नॉलेज पार्क थाना प्रभारी की टीम को रविवार को एक गुप्त सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सेक्टर-153 में पानी की टंकी के पीछे घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आनंद उर्फ रुद्रेश (निवासी एटा, हाल निवासी बलजीत नगर, दिल्ली), पंकज उर्फ धीरेन्द्र (निवासी एटा) और मोहित पुंडीर (निवासी हाथरस) के रूप में हुई है।
दिल्ली के बाजारों में खपाने की थी तैयारी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन चोरी के मोबाइल फोनों को दिल्ली के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस की चेकिंग और नजरों से बचने के लिए आरोपी महिंद्रा पिकअप पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे थे। तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी आनंद और मोहित के पास से धारदार अवैध चाकू भी मिले हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले में थाना नॉलेज पार्क में सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों का पुराना है आपराधिक इतिहास
पकड़े गए बदमाश बेहद शातिर किस्म के हैं और इनका पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी आनंद उर्फ रुद्रेश के खिलाफ पहले से ही दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न थानों में कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, गिरोह के दूसरे सदस्य मोहित पुंडीर पर भी चोरी और चोरी के सामान की हेराफेरी के मुकदमे दर्ज हैं।
बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में आईक्यूओओ कंपनी के ये महंगे मोबाइल फोन कहां से चुराए गए थे। इसके साथ ही पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों और दिल्ली में इनके खरीदारों (रिसीवर) की कुंडली खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ के बाद क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल चोरी के एक बहुत बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
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