उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा के दौरान आम जनता को जाम की समस्या से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है।

कांवड़ यात्रा के दौरान आम जनता को जाम की समस्या से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। आगामी 30 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव के दौरान दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य रहेगा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इन दोनों प्रमुख एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।

इस निर्णय के पीछे प्रशासन की मुख्य मंशा यह है कि कांवड़ मेले के दौरान भी दिल्ली, देहरादून, लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी न टूटे। इसके लिए एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले विभिन्न संपर्क मार्गों का एक विशेष रूट चार्ट तैयार किया जा रहा है।

यात्रियों को जाम से मिलेगी बड़ी निजात

आमतौर पर हर साल कांवड़ यात्रा की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेशनल और स्टेट हाईवे पर भारी जाम की स्थिति बन जाती है। इससे आम मुसाफिरों, मालवाहक गाड़ियों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को घंटों फंसे रहना पड़ता है। इस बार सरकार ने पहले से ही ठोस रणनीति बनाकर दो बड़े एक्सप्रेसवे को चालू रखने का फैसला किया है, जिससे लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा।

कांवड़ियों के लिए तय किए गए पारंपरिक रास्ते

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के चलने के कारण वहां कांवड़ियों को जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उन्हें उनके पुराने और तयशुदा पारंपरिक कांवड़ मार्गों से ही भेजा जाएगा। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बनी रहेगी और एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार भी नहीं थमेगी।

कनेक्टर रोड पर काम हुआ तेज

हापुड़, मुरादाबाद और बिजनौर की तरफ आने-जाने वाले वाहनों को दिल्ली-देहरादून हाईवे तक पहुंचाने के लिए सिवाया के पास एक विशेष कनेक्टर मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा मेरठ और सहारनपुर मंडल के कई अन्य संपर्क मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि गाड़ियां बिना किसी बाधा के एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकें।

शीर्ष अधिकारियों की बैठक में लगी मुहर

यातायात विभाग के एडीजी ए. सतीश गणेश के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान इन दोनों एक्सप्रेसवे को चालू रखने के प्रस्ताव को डीजीपी राजीव कृष्ण और गृह विभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस संबंध में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक विस्तृत प्लान भी पेश किया है।

इस पूरी योजना को अंतिम रूप देने के लिए 12 से 18 जुलाई के बीच मेरठ में मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी में एक हाई-लेवल मीटिंग होने जा रही है। इस बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक डायवर्जन, मेडिकल सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार अन्य प्रमुख मार्गों को भी वन-वे या आंशिक रूप से चालू रखा जा सके ताकि आस्था का यह महापर्व और आम जनता की सहूलियत दोनों साथ-साथ चलते रहें।

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