पश्चिम चंपारण में बड़ा हादसा: धान रोपनी के बाद तालाब में नहाने गईं दो मासूम बच्चियों की डूबने से मौत, परिजनों में कोहराम

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। बगहा प्रखंड के अंतर्गत आने वाली महिपुर भतौड़ा पंचायत के पाकड़गांव में शुक्रवार की दोपहर को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां के एक पोखरे में डूबने की वजह से दो मासूम बच्चियों की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त विवरण के मुताबिक, दोनों बच्चियां अपने घर के सदस्यों के साथ खेत में धान की रोपनी करने के लिए गई हुई थीं। दोपहर के समय जब खेत का काम पूरा हो गया, तो दोनों घर वापस आ रही थीं। इसी दौरान वे रास्ते में पड़ने वाले गांव के एक पोखरे में स्नान करने के लिए रुक गईं। नहाने के क्रम में दोनों बच्चियां पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सकीं और गहरे पानी में समा गईं। उस वक्त घटना स्थल के आसपास किसी और के मौजूद न होने के कारण उन्हें समय पर मदद नहीं मिल सकी और वे डूब गईं।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब बच्चियां अपने घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद दोनों बच्चियों को पोखरे के पानी से बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उन्हें बेहद नाजुक हालत में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एस.पी. अग्रवाल ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतक बच्चियों की पहचान पाकड़गांव के रहने वाले सुनील राम की 10 वर्षीय बेटी उजाला कुमारी और स्वर्गीय राकेश राम की 10 वर्षीय बेटी दीपा कुमारी के तौर पर हुई है। सहेलियों की मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर से लेकर पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद गमगीन परिजनों ने बच्चियों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया और वे शवों को वापस घर ले आए।
घटना की जानकारी मिलते ही खरपोखरा ओपी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए वार्ड सदस्य संतोष कुमार यादव, पूर्व आर्मी मैन व समाजसेवी चुमन राम और पूर्व जदयू नेता कलाम अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके घर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के तालाबों और जलाशयों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि आने वाले समय में ऐसी किसी दुर्घटना को रोका जा सके।



