राष्ट्रपति भवन में पद्म सम्मान की धूम: रोहित शर्मा, ममूटी और अलका याग्निक सहित 65 दिग्गज हस्तियां सम्मानित

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक गणतंत्र मंडप में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में देश की 65 नामचीन शख्सियतों को पद्म पुरस्कारों से विभूषित किया। इस भव्य नागरिक सम्मान समारोह में खेल, सिनेमा, संगीत और समाज सेवा जगत के कई बड़े चेहरों को देश के इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। सम्मानित होने वालों में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा, दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी, मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक और टेनिस स्टार विजय अमृतराज प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इस गौरवशाली अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद थे।
केटी थॉमस और पी. नारायणन को पद्म विभूषण
समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने दो महानुभावों को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया। इसमें उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति केटी थॉमस को जन-सेवा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला। वहीं, प्रख्यात मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट कार्यों के लिए पद्म विभूषण प्रदान किया गया।
ममूटी और अलका याग्निक को पद्म भूषण, शिबू सोरेन की पत्नी ने लिया सम्मान
सुरों की मल्लिका अलका याग्निक और अभिनय के सरताज ममूटी को कला जगत में उनके शानदार योगदान के लिए ‘पद्म भूषण’ से नवाजा गया। इनके अलावा टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी विजय अमृतराज, प्रख्यात अमेरिकी चिकित्सक डॉ. दत्तात्रेयडु नोरी, विख्यात उद्योगपति एसकेएम माएलानंदन और समाज सेवी व शिक्षाविद वी नटेसन को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने दिवंगत नेता की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया।
क्रिकेटर रोहित शर्मा और हॉकी स्टार सविता पूनिया को पद्म श्री
खेल की दुनिया में भारत का मान बढ़ाने वाले टी20 विश्वकप विजेता कप्तान रोहित शर्मा और भारतीय महिला हॉकी टीम की दीवार कही जाने वाली गोलकीपर सविता पूनिया को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया। वहीं, भारत को ओलंपिक पदक दिलाने वाले सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और रवि दहिया जैसे पहलवानों को निखारने वाले जॉर्जियाई मूल के दिवंगत कोच व्लादिमीर मेस्तविरीश्विली को मरणोपरांत पद्म श्री दिया गया, जिसे उनकी पत्नी ने स्वीकार किया।
पारंपरिक वेशभूषा और गुमनाम नायकों ने जीता सबका दिल
इस समारोह में देश के सुदूर इलाकों से आए जमीनी नायकों ने सबका ध्यान खींचा। नागालैंड के 83 वर्षीय लोक कलाकार गुरु सांग्युसांग पोंगेनर जब अपनी पारंपरिक नागा पोशाक में मंच की ओर बढ़े, तो प्रधानमंत्री मोदी सहित पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्हें संस्कृति के संरक्षण के लिए पद्म श्री मिला। वहीं, छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली समाज सेविका बुधरी ताती भी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सम्मान लेने पहुंचीं, जिनका दर्शकों ने खूब उत्साहवर्धन किया।
इन प्रमुख हस्तियों को भी मिला पद्म श्री
मनोरंजन जगत के लोकप्रिय अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया, जिसे उनके भाई ने ग्रहण किया। प्रसार भारती के पूर्व सीईओ और मौजूदा सीबीएफसी अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति, मशहूर अभिनेता आर. माधवन, जाने-माने एयरोस्पेस वैज्ञानिक चंद्रमौली गड्डमानुगु और चर्चित उद्यमी अशोक खाडे को भी पद्म श्री से नवाजा गया।
इनके साथ ही रेलवे गार्ड की नौकरी के साथ प्रेरणादायक लेखन करने वाले दलित लेखक अशोक कुमार हलदर, कर्नाटक संगीत की मशहूर जोड़ी रंजनी और गायत्री, वरिष्ठ अभिनेता अनिल कुमार रस्तोगी और प्रोफेसर महेंद्र नाथ रॉय को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से अलंकृत किया गया। इस दूसरे चरण के समारोह में कुल 65 पुरस्कार दिए गए, जिनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्म श्री शामिल हैं। इससे पहले 25 मई को हुए प्रथम चरण के समारोह में भी 65 पुरस्कार बांटे जा चुके हैं। साल 2026 के लिए सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया था।
पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बधाई देते हुए लिखा कि पद्म पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा और निष्ठा का सम्मान हैं। उन्होंने कहा कि हर पुरस्कार विजेता समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इनका जीवन करोड़ों देशवासियों को कड़ी मेहनत और सेवा भाव के लिए प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पद्म पुरस्कारों की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया गया है। अब ये पुरस्कार उन जमीनी और गुमनाम नायकों को पहचान दे रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज में बड़ा और वास्तविक बदलाव लाया है। यह सहभागी लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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