बिहार

पतिलार में मुखिया पायल मिश्रा की पहल: जन जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को दिया गया शत-प्रतिशत टीकाकरण का मंत्र

बगहा-1। प्रखंड के अंतर्गत आने वाली पतिलार पंचायत में स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर एक विशेष मुहिम की शुरुआत की गई है। मुखिया पायल मिश्रा के नेतृत्व में पंचायत भवन परिसर में एक भव्य जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय ग्रामीणों को नियमित टीकाकरण के फायदों से अवगत कराना और बच्चों को जानलेवा बीमारियों से महफूज़ रखना था। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के अभिनंदन के साथ हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मंच से अपनी बात रखी। शिविर में मौजूद प्रबुद्ध जनों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का समय पर संपूर्ण टीकाकरण कराना हर माता-पिता का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उचित समय पर दी जाने वाली वैक्सीन बच्चों को पोलियो, खसरा, डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी जैसी घातक बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करती है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एक तंदुरुस्त समाज की नींव तभी मजबूत हो सकती है, जब पंचायत का हर बच्चा पूरी तरह प्रतिरक्षित हो।

शिविर को संबोधित करते हुए मुखिया पायल मिश्रा ने कहा कि उनकी पंचायत के हर नौनिहाल का स्वास्थ्य और बेहतर जीवन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं और निःशुल्क टीकाकरण का लाभ धरातल पर हर गरीब और जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे, इसके लिए पंचायत प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन को लेकर समाज में फैली किसी भी तरह की अफवाह या गलतफहमी पर कतई ध्यान न दें। अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए समय पर सभी जरूरी टीके जरूर लगवाएं। उन्होंने आगे भी पंचायत में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े ऐसे कल्याणकारी शिविर लगातार आयोजित करने का भरोसा दिया।

इस मौके पर सीओपीडी (कम्युनिटी ऑफ प्रैक्टिस फॉर डिमांड) के सीनियर मैनेजर मनोज कुमार सिंह और सीनियर मैनेजर शशिकांत पांडे ने भी लोगों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण न केवल एक बच्चे की व्यक्तिगत सुरक्षा है, बल्कि यह पूरे समुदाय को संक्रामक रोगों की चपेट में आने से बचाने का सबसे असरदार जरिया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे खुद जागरूक होने के साथ-साथ अपने आस-पड़ोस के परिवारों को भी इस अभियान से जोड़ें।

वहीं, ओआरसी रामजीत वर्मा, डीसी उमेश कुमार तिवारी और मुखिया प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक मिश्रा ने वैक्सीन के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि टीके बच्चों की इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस महाभियान में आम जनता से बढ़-चढ़कर सहयोग करने की बात कही।

शिविर के दौरान एक सवाल-जवाब सत्र भी रखा गया, जिसमें ग्रामीणों के मन में उठने वाली शंकाओं और भ्रांतियों को विशेषज्ञों ने बेहद सरल भाषा में दूर किया। लोगों को आश्वस्त किया गया कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाले सभी टीके पूरी तरह सुरक्षित, प्रामाणिक और मुफ्त हैं। अभिभावकों को बच्चों का ममता कार्ड (टीकाकरण कार्ड) संभालकर रखने और तय तारीख पर केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई।

इस जन जागरूकता अभियान में जन वितरण प्रणाली के राशन विक्रेता, स्थानीय समाजसेवी, रिटायर्ड शिक्षक, ग्रामीण चिकित्सक, सरपंच, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने अपनी पंचायत को शत-प्रतिशत प्रतिरक्षित और कुपोषण मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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