बिहार

पश्चिम चंपारण में दिल दहलाने वाली वारदात: बेटा न होने से नाराज पिता ने पत्नी और तीन बच्चों को नहर में धकेला, तीनों मासूमों की डूबने से मौत

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चनपटिया प्रखंड में एक कलयुगी पिता ने घरेलू विवाद के बाद हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को चलती नहर में फेंक दिया। इस जानलेवा हमले में पत्नी तो तैरकर किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आई, लेकिन बदकिस्मत से तीनों मासूम बच्चों की पानी में डूबने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह खौफनाक घटना चनपटिया प्रखंड के अंतर्गत आने वाली लोहियरिया पंचायत के भंगहा (वार्ड नंबर चार) की है। पीड़ित महिला ललिता देवी के परिजनों ने बताया कि आरोपी रामबाबू यादव की शादी ललिता से हुई थी। करीब पांच महीने पहले ललिता ने एक बेटी को जन्म दिया था। रामबाबू को बेटे की चाहत थी और लड़की पैदा होने के बाद से ही वह अपनी पत्नी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा था। वह अक्सर इसी बात को लेकर ललिता के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। मंगलवार की सुबह भी घर में इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और हिंसक झड़प हुई थी।

सुबह हुए झगड़े से तंग आकर ललिता देवी ने अपने बच्चों के साथ मायके जाने का फैसला किया। ललिता के भाई सुदामा यादव के अनुसार, जब ललिता घर छोड़ने लगी तो आरोपी रामबाबू ने एक साजिश के तहत उसे रोका। वह जबरन अपनी पत्नी और तीनों बच्चों को साथ लेकर घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित तिरहुत नहर की सुगौली शाखा की तरफ ले गया। सुबह के वक्त नहर के आसपास सन्नाटा देखकर आरोपी ने लोहियरिया नहर चौक से थोड़ी दूरी पर इस वारदात को अंजाम दिया।

आरोपी रामबाबू ने सबसे पहले अपनी पत्नी ललिता को गहरे पानी में धक्का दे दिया। नहर में पानी का स्तर करीब चार से पांच फीट था, जिससे ललिता खुद को संभालने के लिए संघर्ष करने लगी। पत्नी को डूबता देख निर्दयी पिता ने बिना देर किए अपने तीनों मासूम बच्चों को भी एक-एक कर तेज बहाव वाले पानी में फेंक दिया।

नहर की तेज लहरों के बीच ललिता देवी ने हार नहीं मानी और पूरी हिम्मत जुटाकर किसी तरह किनारे तक पहुंचने में कामयाब रही। पानी से बाहर आते ही वह बदहवास हालत में मदद के लिए चिल्लाते हुए अपने मायके की तरफ भागी। हालांकि, पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण तीनों छोटे बच्चे खुद को बचा नहीं पाए। मृतकों में एक 6 साल की बच्ची, एक 4 साल का बेटा और महज 5 महीने की एक दुधमुंही बच्ची शामिल है।

स्थानीय लोगों की सूचना पर कुमारबाग थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से तफ्तीश कर रही है। वारदात के बाद से ही आरोपी पिता रामबाबू यादव मौके से फरार है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और दावा किया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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