गंडक पार क्षेत्र में लो-वोल्टेज और दोन में अटके बिजली संकट पर ऊर्जा सचिव से मिले सांसद सुनील कुमार, जल्द समाधान का मिला भरोसा

बगह पश्चिम चंपारण जिले के गंडक पार क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बनी लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या के स्थायी निदान की उम्मीदें अब बढ़ गई हैं। इस विकट समस्या के कारण स्थानीय लोगों को घरेलू कार्यों से लेकर खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और व्यापार में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी सिलसिले में बाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने शुक्रवार को बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव से मुलाकात की और क्षेत्र की बिजली संकट पर विस्तार से चर्चा करते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान सांसद ने ऊर्जा सचिव को गंडक पार के चारों प्रखंडों की जमीनी हकीकत से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि कम वोल्टेज के कारण घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। किसानों के लिए सिंचाई के मोटर चलाना दूभर हो गया है, जिससे फसलों पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही छोटे-मोटे रोजगार भी ठप होने की कगार पर हैं। भीषण गर्मी के दिनों में आम जनता की परेशानी दोगुनी हो जाती है। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि अब यह समस्या लोगों के लिए बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है और इसके लिए दीर्घकालिक इंतजाम बेहद जरूरी हैं।
सुनील कुमार ने ऊर्जा विभाग के समक्ष मांग रखी कि गंडक पार के बुनियादी बिजली ढांचे को सुधारा जाए। इसके लिए क्षेत्र में अधिक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर लगाने, बिजली के नए तार दौड़ाने और आवश्यकतानुसार नए सब-स्टेशन (ग्रिड) व तकनीकी संसाधन विकसित करने की जरूरत है, ताकि आने वाले समय में लोगों को बिना किसी रुकावट के पूरी क्षमता के साथ बिजली मिल सके। सांसद की बातों को सुनने के बाद ऊर्जा सचिव अजय यादव ने आश्वासन दिया कि विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश देने की बात कही और भरोसा दिलाया कि तकनीकी स्तर पर जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाएगी।
इस बैठक में सांसद ने गंडक पार के सुदूर और जंगलों से घिरे दोन क्षेत्र का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया, जहां आजादी के इतने वर्षों बाद भी लोग नियमित बिजली आपूर्ति की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक अड़चनों के कारण यह परियोजना लंबे समय से अधर में लटकी है। इस पर ऊर्जा सचिव ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दोन क्षेत्र में बिजली पहुंचाने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलना है। कई जगहों पर घने जंगलों के बीच से बिजली की लाइनें गुजारनी हैं, जिसकी फाइलें अटकी हुई हैं।
सचिव अजय यादव ने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसी महीने राज्य स्तरीय समिति (स्टेट लेवल कमेटी) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में वन विभाग और ऊर्जा विभाग के आला अधिकारी एक साथ बैठेंगे और सभी लंबित मामलों का आपसी समन्वय से निपटारा करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक के बाद दोन क्षेत्र की बिजली परियोजना की राह साफ हो जाएगी।
सांसद सुनील कुमार ने दोहराया कि गंडक पार के हर घर तक बेहतर बिजली पहुंचाना उनका मुख्य संकल्प है। जब तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक वे इस मुद्दे को लेकर सरकार और अधिकारियों के चक्कर काटते रहेंगे और आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली सिर्फ रोशनी के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पूरे क्षेत्र की तरक्की का मुख्य जरिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की खामियों को सचिव के सामने रखकर इसके त्वरित निपटारे की मांग की।




