बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी पर अगले 3 महीने के लिए रोक, जानिए क्या खुला रहेगा और क्या बंद

- वाल्मीकिनगर बिहार के इकलौते बाघ अभयारण्य, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में अगले तीन महीनों के लिए रोमांचक गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। मानसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए वीटीआर प्रशासन ने 29 जून से 29 सितंबर तक जंगल सफारी को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। इस दौरान पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेज भी स्थगित रहेंगे। हालांकि, प्रकृति प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि रूम बुकिंग और ईको पार्क जैसी सुविधाएं इस अवधि में भी चालू रहेंगी।
सुरक्षा और वन्यजीवों का प्रजनन काल है मुख्य वजह
वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि मानसून के सक्रिय होते ही जंगल के भीतर के सफारी रास्ते बेहद खराब और खतरनाक हो जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके साथ ही, यह समय बाघों समेत अन्य जंगली जानवरों का प्रजनन काल (ब्रीडिंग सीजन) भी होता है, जिसमें इंसानी दखल को कम करना जरूरी है। इस दौरान वन विभाग सफारी रूटों की मरम्मत का काम भी पूरा करेगा।
बोटिंग और साइकिल सफारी पर भी लगी रोक
वन विभाग के निर्देशानुसार, वीटीआर के प्रमुख पर्यटक केंद्रों—वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना में जंगल सफारी के साथ-साथ साइकिल सफारी भी बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, मानसून के कारण गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बोटिंग पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
निराश न हों पर्यटक, ये सुविधाएं रहेंगी बहाल
भले ही आप जंगल के भीतर न जा सकें, लेकिन वीटीआर की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद अब भी लिया जा सकता है। क्षेत्र निदेशक ने स्पष्ट किया कि तीनों पर्यटक केंद्रों पर ठहरने के लिए रूम की बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी। इसके अलावा ईको पार्क, कौलेश्वर झूला और स्थानीय ऐतिहासिक मठ-मंदिरों के दर्शन के लिए कपाट खुले रहेंगे।
सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है वीटीआर
पिछले कुछ वर्षों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। घने जंगल, खूबसूरत ग्रासलैंड, वाटर हॉल और गंडक नदी के नजारे पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। यहां सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ, गौर, भारतीय गैंडा, भालू, सांभर और चीतल जैसे जानवरों के साथ-साथ रंग-बिरंगे पक्षियों को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर होती सुविधाओं के कारण यहां लगातार पर्यटकों का ग्राफ बढ़ रहा है, जिन्हें अब सफारी के लिए सितंबर के आखिर तक का इंतजार करना होगा।
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