महिला टी20 विश्व कप में कंगारुओं का कड़ा प्रहार, इंग्लैंड को शिकस्त देकर सातवीं बार चैंपियन बनी ऑस्ट्रेलियाई टीम

नई दिल्ली: महिला क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलियाई टीम की बादशाहत लगातार बरकरार है। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को धूल चटाते हुए ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे टूर्नामेंट में अजेय नजर आई कंगारू टीम ने फाइनल में भी अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर यह साबित कर दिया कि फिलहाल उन्हें टक्कर देना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल है।
फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत सधी हुई रही। इंग्लिश बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 150 रनों का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। एक समय इंग्लैंड बड़े स्कोर की तरफ बढ़ता दिख रहा था, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने मध्यक्रम के ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी की और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
जीत के लिए मिले 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के इरादे बेहद मजबूत दिखे। सलामी बल्लेबाजों ने टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई, जिससे बाद में आने वाले बल्लेबाजों का काम आसान हो गया। शुरुआती सफलता के बाद मध्यक्रम ने बेहद सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी की। कंगारू बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले और मजबूत साझेदारियों की बदौलत लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी इवेंट्स में अपना दबदबा और ज्यादा मजबूत कर लिया है। यह सातवां मौका है जब ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने इस प्रतिष्ठित खिताब को चूमा है। खेल समीक्षकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की इस अविश्वसनीय सफलता के पीछे उनकी मजबूत घरेलू संरचना, अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का शानदार कॉम्बिनेशन और दबाव के क्षणों में निखरकर सामने आने की क्षमता है।
दूसरी ओर, उपविजेता रही इंग्लैंड की टीम का सफर भी इस टूर्नामेंट में शानदार रहा। हालांकि, फाइनल के बड़े मंच पर टीम ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक खेल और उनके अनुभव के सामने टिकने में नाकाम रही। खिताबी मुकाबला हारने के बावजूद क्रिकेट जगत में इंग्लिश टीम के जुझारूपन और खेल भावना की सराहना की जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया की इस धमाकेदार जीत के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल के दिग्गजों तक, हर तरफ से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। पूर्व क्रिकेटरों और फैंस का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की यह सातवीं खिताबी जीत महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गई है।

