बिहार

मधुबनी अंचल कार्यालय में अधिकारियों ने रोपे पौधे, सीओ नन्दलाल राम की पर्यावरण पहल ने खींचा ध्यान

पश्चिमी चंपारण जिले के मधुबनी अंचल कार्यालय परिसर में प्रकृति संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाना और आम जनमानस को हरियाली के प्रति संवेदनशील बनाना रहा। कार्यक्रम में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प दोहराया।

इस अभियान में बगहा एसडीएम, मधुबनी के अंचलाधिकारी नन्दलाल राम, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुन्दन कुमार और बेतिया जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने प्रमुखता से हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने कार्यालय प्रांगण में फलदार और छायादार पौधे लगाकर स्वच्छ वातावरण की दिशा में संदेश दिया।

आयोजन के दौरान मधुबनी सीओ नन्दलाल राम का प्रकृति के प्रति गहरा लगाव देखने को मिला। उन्होंने इस पौधारोपण को महज एक औपचारिक कार्यक्रम मानने के बजाय पौधों के निरंतर भरण-पोषण पर बल दिया। सीओ नन्दलाल राम ने स्पष्ट किया कि पौधरोपण करना पहला चरण है, लेकिन असली परीक्षा उन्हें एक सुरक्षित और पूर्ण वृक्ष के रूप में विकसित करने में होती है।

अंचलाधिकारी नन्दलाल राम ने जनसामान्य से आह्वान किया कि वे अपने निजी परिसरों के अलावा स्कूलों, सड़कों के किनारों और खाली पड़ी सार्वजनिक जमीनों पर अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाएं। यदि समाज का हर नागरिक एक पौधा गोद लेने का नियम बना ले, तो पूरे बगहा और पश्चिमी चंपारण क्षेत्र की आबो-हवा को तेजी से बदला जा सकता है।

मौजूद प्रशासनिक टीम ने सीओ नन्दलाल राम के इस विज़न का समर्थन करते हुए कहा कि भौतिक विकास और बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही अनिवार्य है। अधिकारियों ने कहा कि विकास की दौड़ में वृक्षों की कटाई से मौसम चक्र प्रभावित हुआ है, जिसे केवल व्यापक पौधारोपण के माध्यम से ही ठीक किया जा सकता है।

कार्यक्रम का समापन उपस्थिति अधिकारियों और कर्मियों द्वारा रोपे गए पौधों की नियमित सिंचाई और सुरक्षा का व्यक्तिगत वचन लेने के साथ हुआ। सीओ नन्दलाल राम के नेतृत्व में हुए इस प्रयास की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने रोपे गए हर पौधे की देखभाल परिवार के सदस्य की भांति करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध और सेहतमंद वातावरण प्राप्त हो सके।

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