ओडिशा के झारसुगुड़ा में BCGCL परियोजना का अवलोकन, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने किया ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण

ओडिशा के झारसुगुड़ा में देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने वाली एक बड़ी शुरुआत हुई है। झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) परियोजना के मॉडल का आधिकारिक अवलोकन किया गया। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी गंगापुरम भी मौजूद रहे, जिन्होंने परियोजना की बारीकियों को समझा और इसकी प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) की यह परियोजना केवल एक औद्योगिक ढांचा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के सर्वश्रेष्ठ उपयोग का एक बड़ा उदाहरण है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य कोयले को अमोनियम नाइट्रेट में परिवर्तित करना है। इस तकनीक से न केवल कोयले का मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) होगा, बल्कि विदेशों से होने वाले आयात पर भारत की निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी। यह कदम देश में स्वच्छ और आधुनिक औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
इस आयोजन के दौरान किया गया पौधारोपण औद्योगिक प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिस तरह इस बड़ी परियोजना की नींव देश के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाएगी, उसी तरह आज लगाया गया एक-एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण का आधार बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को एक साथ निभाते हुए आगे बढ़ रहा है। बीसीजीसीएल जैसी दूरदर्शी परियोजनाएं आने वाले समय में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगी।




