सरफुद्दीनपुर में स्वर्णकारों का उग्र प्रदर्शन: सर्राफा बाजार पूर्ण रूप से बंद, दीपक हत्याकांड के विरोध में आत्मरक्षा के लिए मांगे हथियारों के लाइसेंस

सरफुद्दीनपुर के सर्राफा व्यवसायियों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है। स्वर्णकार समाज पर लगातार बढ़ रहे आपराधिक हमलों और हाल ही में माधोपुर सुस्ता क्षेत्र में हुई खौफनाक वारदात के विरोध में बुधवार को पूरी सर्राफा मंडी ने एक दिवसीय हड़ताल रखी। इस दौरान बाजार की सभी आभूषण दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं और व्यवसायियों ने अपना कड़ा रोष प्रकट किया।
विदित हो कि बीते दिनों अपराधियों ने स्वर्णकार व्यवसायी दीपक कुमार की उनकी पत्नी के सामने ही सरेआम गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस क्रूर हत्याकांड से पूरे व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। बुधवार को बंदी के दौरान सभी स्वर्णकार एकजुट हुए और दिवंगत दीपक कुमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
व्यापारियों ने राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांगों में सरफुद्दीनपुर बाजार क्षेत्र में एक स्थायी पुलिस आउटपोस्ट (ओपी) का निर्माण और रात के समय गश्त के लिए विशेष चौकीदारों की बहाली शामिल है।
लगातार हो रही वारदातों से सहमे व्यवसायियों ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था नाकाफी है, इसलिए अब वे अपनी सुरक्षा का जिम्मा स्वयं उठाना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जरूरत के अनुसार स्वर्णकारों को आत्मरक्षा हेतु बंदूक के लाइसेंस तुरंत और आसान प्रक्रिया के तहत मुहैया कराए जाएं। व्यवसायियों का मानना है कि इससे असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा होगा और वे अपनी रक्षा खुद कर सकेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में सर्राफा संघ के अध्यक्ष राजू कुमार, सचिव पंकज कुमार सोनी, कोषाध्यक्ष मनीष शंकर साह और संगठन के नेतृत्वकर्ता राजीव रंजन कुमार ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। उनके साथ राजकुमार राजू, मनीष कुमार, दीपक कुमार, दिलीप कुमार, मंजय कुमार, अजय साह, नागेन्द्र साह, रामचन्द्र साह, प्रमोद साह, सुशील कुमार, राकेश कुमार, दीपक सोनी, विनोद साह, राजा कुमार और किशन कुमार समेत भारी तादाद में स्वर्णकार मौजूद थे।
अंत में व्यवसायियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों को शीघ्र अनसुना किया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन एक उग्र रूप ले लेगा और इसे और तेज किया जाएगा।
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