शिक्षा

यूपी शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार: अब 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेंगे ₹5 लाख के कैशलेस इलाज के साथ बंपर भर्तियां

उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक, अनुशासित और अधिक परिणामोन्मुख बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा और व्यापक रोडमैप तैयार किया है। प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक राज्यव्यापी यूट्यूब लाइव संवाद के जरिए इन ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की। इस डिजिटल संवाद में राज्य के लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए। सरकार का यह नया कदम ‘शिक्षक सर्वोपरि’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राज्य में शिक्षा के स्तर को देश में सबसे अव्वल बनाना है।

इस नए रोडमैप के तहत सबसे बड़ा बदलाव स्कूलों के सत्र संचालन को लेकर किया गया है। अक्सर गर्मियों के मौसम में भीषण तपिश के कारण छुट्टियां बढ़ाने की अनिश्चितता बनी रहती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब इस समस्या को खत्म करते हुए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानकों के अनुसार साल में कम से कम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करने के लिए हर साल 25 जून से ही विद्यालयों को खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए चल रहे ‘निपुण भारत मिशन’ का दायरा अब बढ़ाकर कक्षा 5 तक कर दिया गया है। साथ ही, स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बीच में छूटने यानी ड्रॉपआउट की दर को शून्य पर लाने के लिए सरकार जल्द ही एक विशेष ‘DEAR’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ सरकार ने शिक्षकों के कल्याण और अधिकारों की दिशा में भी बड़ा दिल दिखाया है। उत्तर प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अब गंभीर बीमारियों की स्थिति में भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि सरकार उन्हें 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रही है। इतना ही नहीं, स्कूलों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए शहरी क्षेत्रों में लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की नई भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कुल 21,000 पदों पर होने वाली इस भर्ती से युवाओं को रोजगार मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। संवाद के अंत में महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का जिक्र करते हुए अपर मुख्य सचिव ने सभी गुरुजनों से लगातार सीखने और अध्ययन से जुड़े रहने का आह्वान किया ताकि यूपी शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन सके।

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