ग्रामीण अंचल की प्रतिभा ने फिर रचा इतिहास, पतिलार की बेटी सिद्धि रानी मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय में बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर

पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 प्रखंड अंतर्गत पतिलार शिवा चौक की होनहार बेटी सिद्धि रानी ने सफलता का नया परचम लहराया है। अपनी कड़ी मेहनत, निरंतर लगन और अटूट संकल्प के बल पर सिद्धि रानी का चयन मुजफ्फरपुर विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पद पर हुआ है। इस खबर के सामने आते ही पतिलार समेत पूरे जिले में उत्साह और जश्न का माहौल बन गया है।
शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाली सिद्धि रानी पूर्व शिक्षक श्री कृष्णनाथ तिवारी जी की पौत्री और शिक्षक अजय कुमार तिवारी जी की सुपुत्री हैं। घर में शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई, अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों का वातावरण रहा। सिद्धि रानी ने बचपन से ही शिक्षा को अपना जीवन लक्ष्य बनाया और सालों की अनवरत तपस्या के बाद आज यह मुकाम हासिल किया।
उनकी इस उपलब्धि पर ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की जीत नहीं है, बल्कि पूरे पतिलार पंचायत और चंपारण की माटी का सम्मान है। सिद्धि रानी ने यह साबित कर दिखाया कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद अगर इरादे बुलंद हों तो देश के बड़े से बड़े शैक्षणिक मंचों पर पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह सफलता क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेगी।
पंचायत प्रतिनिधि और गणमान्य लोगों ने जताई खुशी
पतिलार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि डॉ. अभिषेक मिश्रा ने सिद्धि रानी को बधाई देते हुए कहा कि गांव की बेटी का विश्वविद्यालय स्तर पर प्रोफेसर बनना पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सिद्धि रानी की यह कामयाबी ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देगी। उन्होंने उनके माता-पिता को बधाई देते हुए सिद्धि रानी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। एक प्राध्यापक के रूप में सिद्धि रानी आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शन में अहम भूमिका निभाएंगी।
खबर मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों का बधाई देने के लिए उनके आवास पर तांता लगा हुआ है। सभी ने एक स्वर में कहा कि सिद्धि रानी की यह उपलब्धि आने वाले कई सालों तक बगहा और चंपारण की बेटियों को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
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