बेतिया में नशा मुक्त सप्ताह का शंखनाद, सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मियों ने ली नशामुक्त समाज बनाने की शपथ

बेतिया। बिहार के पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले में नशामुक्त समाज के निर्माण और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के लिए एक बड़े अभियान का आगाज हो चुका है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और बिहार सरकार के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, पटना के दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले में 17 जून से 26 जून 2026 तक विशेष “नशा मुक्त सप्ताह” मनाया जा रहा है। इस अभियान का समापन 26 जून को “अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस” के अवसर पर होगा।
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता श्री विकास कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य विषय यानी थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” तय किया गया है। इस पूरे हफ्ते जिले के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों के आपसी समन्वय से व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को नशे की लत से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक कर उन्हें एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी जा सके।
अभियान के पहले दिन यानी 17 जून को जिले के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों समेत तमाम कर्मचारियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने, खुद हर तरह के नशे से दूर रहने और अपने आस-पास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया।
प्रभारी पदाधिकारी श्री विकास कुमार ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि तय शेड्यूल के मुताबिक 18 जून को जिले के सभी बुनियादी केंद्रों और आश्रय गृहों (होम) में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 19 और 20 जून को कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) परिसर, बेतिया रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों, व्यापक प्रचार-प्रसार और हस्ताक्षर अभियान के जरिए आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।
वहीं, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विशेष अवसर पर खेल भवन में आयोजित होने वाले योगाभ्यास कार्यक्रम के साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान का भी जोर-शोर से प्रचार किया जाएगा। इसी कड़ी में 22 जून को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविकाओं और सहायिकाओं के माध्यम से ग्रामीण और जमीनी स्तर पर महिलाओं और बच्चों के बीच जागरूकता की अलख जगाई जाएगी।
देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी कोयला गैसीकरण परियोजना, मुंबई रोडशो में जुटे दिग्गज


