वाल्मीकि नगर को अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियम का तोहफा देने की मांग, विधानसभा में गूंजी उत्तर बिहार के खिलाड़ियों की आवाज

बगहा (पश्चिम चंपारण)। उत्तर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को नया मंच देने के लिए बिहार विधानसभा में जोरदार आवाज उठी है। वाल्मीकि नगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय खेल स्टेडियम स्थापित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि नेपाल सीमा से सटे इस ग्रामीण अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन आधुनिक खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं निखर नहीं पा रही हैं।
सुविधाओं की कमी से टूट रहे सपने
विधायक ने सदन में मुद्दा उठाया कि वाल्मीकि नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों में युवाओं का जबरदस्त रुझान है। हालांकि, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों की गैरमौजूदगी के कारण होनहार खिलाड़ियों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई प्रतिभावान खिलाड़ी तो सही मार्गदर्शन और संसाधनों के अभाव में खेल छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं।
खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी उड़ान
वाल्मीकि नगर की प्राकृतिक सुंदरता और विश्व प्रसिद्ध वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से बेहद खास है। अगर यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला स्टेडियम बनता है, तो यह केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेल पर्यटन (स्पोर्ट्स टूरिज्म) का भी बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से स्थानीय होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को काफी सहूलियत मिलेगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
राजगीर की तर्ज पर उत्तर बिहार का हो विकास
सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने राज्य सरकार द्वारा खेल ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजगीर जैसे शहरों में बड़े खेल परिसरों को आकार दिया जा रहा है, उसी तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे वाल्मीकि नगर को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सदन में इस प्रस्ताव के आने के बाद पश्चिम चंपारण और सीमावर्ती इलाकों के खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों में एक नई उम्मीद जगी है। लोगों को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस मांग पर जल्द सकारात्मक रुख अपनाएगी और वाल्मीकि नगर को बिहार के नए खेल हब के रूप में पहचान दिलाएगी।


