नीट 2026: सरकारी कॉलेज में MBBS के लिए कितने मार्क्स जरूरी? एक्सपर्ट परिजात मिश्रा से जानें कैटेगरी वाइज संभावित कटऑफ

देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS सीटों पर दाखिले की चाह रखने वाले छात्रों के लिए नीट परीक्षा के बाद सबसे बड़ा सवाल कटऑफ को लेकर होता है। नीट री-एग्जाम संपन्न होने के बाद अब सभी की नजरें संभावित कटऑफ और नतीजों पर टिकी हैं। हर साल परीक्षा के कठिनाई स्तर और कुल सीटों की उपलब्धता के आधार पर सेफ स्कोर का ग्राफ बदलता रहता है। इस बीच, करियर काउंसलिंग एक्सपर्ट परिजात मिश्रा ने ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत एक अनुमानित कटऑफ जारी की है, जिससे छात्र अपनी संभावनाओं का आकलन कर सकते हैं।
चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा आयोजित की जाने वाली काउंसलिंग में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होती है। यदि पिछले कुछ वर्षों के रुझानों पर नजर डालें, तो सरकारी कॉलेजों में सुरक्षित स्थान पाने के लिए सामान्यतः 610 से 640 अंकों के बीच का स्कोर काफी मजबूत माना जाता रहा है। हालांकि, परीक्षा के बदलते पैटर्न और इस वर्ष के समीकरणों को देखते हुए श्रेणियों के आधार पर इस बार कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
विशेषज्ञ परिजात मिश्रा के विश्लेषण के मुताबिक, ऑल इंडिया कोटा के माध्यम से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए विभिन्न श्रेणियों का संभावित कटऑफ स्कोर इस प्रकार रह सकता है:
सामान्य वर्ग (UR) के लिए संभावित स्कोर 557 (±10) अंक के आसपास रहने की उम्मीद है। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के अभ्यर्थियों के लिए यह आंकड़ा 556 (±10) अंक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 553 (±10) अंक के इर्द-गिर्द सिमट सकता है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) के लिए संभावित कटऑफ 475 (±10) अंक तथा अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए यह 445 (±10) अंक तक जाने का अनुमान लगाया गया है।
यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि यह डेटा पूरी तरह से ऑल इंडिया एमसीसी काउंसलिंग के प्रारंभिक विश्लेषण और अनुमानों पर आधारित है। वास्तविक और अंतिम कटऑफ परीक्षा के आधिकारिक परिणाम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसके अलावा, राज्यों के अपने 85 प्रतिशत कोटा के तहत होने वाले दाखिलों में कटऑफ का यह आंकड़ा अलग हो सकता है, जहां कई राज्यों में छात्रों को इससे कम स्कोर पर भी सरकारी सीटें मिलने की संभावना रहती है।
दूसरी ओर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर-की और उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट भी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाने वाली है। इसके बाद छात्रों को आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा और फिर अंतिम परिणाम के साथ ही काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।


