गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा पर प्रशासन सख्त, भोजनालयों पर सीसीटीवी अनिवार्य, रूट की मांस दुकानें रहेंगी बंद

शिवभक्तों की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक ‘कांवड़ यात्रा’ को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीएम ने सभी संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रबंध पूरे करने की हिदायत दी है, ताकि स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी दुकानदारों और ढाबा संचालकों को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करने का हुक्म दिया है।
कंट्रोल रूम रहेंगे राउंड द क्लॉक एक्टिव
किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटने के लिए डीएम ने सभी विभागों के कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों पर तीन अलग-अलग शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, नगर निगम और स्थानीय निकायों को कांवड़ पटरी व मुख्य मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाने, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था करने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विद्युत विभाग को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि कांवड़ रूट पर कहीं भी ढीले या लटकते हुए बिजली के तार और जर्जर खंभे दिखाई नहीं देने चाहिए।
गड्ढामुक्त होंगी सड़कें, पेड़ों की होगी छंटाई
श्रद्धालुओं के मार्ग को सुगम बनाने के लिए सड़कों को तुरंत दुरुस्त करने और उन्हें पूरी तरह गड्ढामुक्त करने की बात कही गई है। रास्ते में रुकावट पैदा कर रही पेड़ों की डालियों और झाड़ियों की छंटाई करने के भी आदेश जारी किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों को आवागमन में किसी बाधा का सामना न करना पड़े।
गंगनहर और घाटों पर तैनात रहेगी जल पुलिस
मुरादनगर स्थित गंगनहर और उसके आसपास के घाटों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि घाटों पर जल पुलिस, पेशेवर गोताखोरों और नावों की मुस्तैद तैनाती रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं को जरूरी दिशा-निर्देश देने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से पब्लिक एड्रेस सिस्टम चलाया जाएगा। इसके साथ ही, यात्रा के आधिकारिक आगाज से पहले मुरादनगर घाट के सौंदर्यीकरण और अस्थाई शौचालयों के निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहचान छिपाकर सामान बेचने पर रोक, मीट शॉप्स पर पाबंदी
धार्मिक आस्था और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष चेकिंग अभियान चलाने के लिए कहा गया है। डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि कांवड़ मार्ग पर कोई भी दुकानदार अपनी पहचान या नाम बदलकर खाद्य सामग्री की बिक्री नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, पूरे कांवड़ रूट के दायरे में आने वाली मांस की सभी दुकानें पूरी तरह से बंद रखी जाएंगी।
चिकित्सा और विश्राम के पुख्ता इंतजाम
शिवभक्तों के विश्राम के लिए जगह-जगह होल्डिंग एरिया (विश्राम स्थल) बनाए जाएंगे, जहां पीने के साफ पानी और शौचालयों की मुकम्मल व्यवस्था होगी। मार्ग भटकाव से बचाने के लिए प्रमुख जगहों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे कांवड़ रूट पर एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीमों को अलर्ट मोड पर रखें। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए प्रशासन ने स्थानीय निजी अस्पतालों के साथ भी समन्वय स्थापित किया है।




