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अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए पीएम मोदी का विशेष संदेश, यात्रा से पहले जरूर जानें ये 5 बड़े संकल्प

श्रीनगर और नई दिल्ली: पवित्र अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले शिवभक्तों के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद खास और संदेशपूर्ण पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए पीएम मोदी ने न केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दी हैं, बल्कि उनसे 5 महत्वपूर्ण संकल्पों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह भी किया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा बर्फानी की यह यात्रा भारत की अटूट आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का एक जीवंत प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पत्र की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बाबा बर्फानी के दर्शन की यह पावन यात्रा सनातन संस्कृति की पहचान है। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा की कामना करते हुए समाज और देश की भलाई के लिए पांच संकल्प लेने की अपील की।

श्रद्धालुओं से किए गए पीएम मोदी के 5 बड़े आग्रह

पहला संकल्प: स्वच्छता की जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री ने सभी यात्रियों से यात्रा मार्ग को पूरी तरह स्वच्छ रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पावन गुफा और पूरे रास्ते में कचरा न फैलाएं और स्वच्छता के नियमों का पूरी निष्ठा से पालन कर अपना योगदान दें।

दूसरा संकल्प: सुरक्षा नियमों का पालन

यात्रा के दौरान मौसम की अनिश्चितता, ठंड और फिसलन भरे रास्तों को देखते हुए पीएम ने आग्रह किया कि प्रशासन, यातायात नियमों और सुरक्षाबलों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

तीसरा संकल्प: स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा (वोकल फॉर लोकल)

जम्मू-कश्मीर के स्थानीय परिवारों और युवाओं की आजीविका को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी ने एक बेहतरीन सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यात्री अपनी यात्रा के कुल बजट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को खरीदने में खर्च करें।

चौथा संकल्प: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान

अमरनाथ यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन होता है। इस पवित्र अवसर पर पीएम ने सभी भाई-बहनों से एक-दूसरे को पौधा उपहार में देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को गति देने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की, ताकि मिलकर एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सके।

प्रशासन, स्थानीय नागरिक और सुरक्षाबलों की जमकर सराहना

अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्गम परिस्थितियों में भी यात्रा को सफल बनाने वाले सुरक्षाबलों और व्यवस्थापकों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ के जवानों के साथ-साथ डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सफाई कर्मियों का आभार जताया।

पीएम मोदी ने कहा कि यह दो महीने की यात्रा भारत की विविधता में एकता की सबसे सुंदर तस्वीर पेश करती है। इसमें जहां एक तरफ जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों का अद्भुत आतिथ्य सत्कार देखने को मिलता है, वहीं दूसरी तरफ देश के कोने-कोने से आए लोगों द्वारा लगाए गए लंगर और भंडारे हमारी निःस्वार्थ सेवा की सनातन संस्कृति को चरितार्थ करते हैं।

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