बिहार

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में व्हीलचेयर की किल्लत, मरीजों को कंधे का सहारा देकर वार्ड तक ले जाने की नौबत

बगहा। बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर कटघरे में हैं। उत्तर प्रदेश और नेपाल की सीमाओं से सटे इस प्रमुख चिकित्सा केंद्र में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी और बदहाली का नजारा दिखा, जब आपातकालीन वार्ड में गंभीर मरीजों के लिए एक भी व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते दूर-दराज से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीरों में साफ दिखा कि चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार मरीजों को उनके परिजन दोनों तरफ से पकड़कर या कंधे का सहारा देकर किसी तरह इमरजेंसी बेड तक पहुंचा रहे थे। इस अव्यवस्था को लेकर अस्पताल पहुंचे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। मरीजों के परिजनों का कहना था कि जब आपातकालीन जैसी संवेदनशील जगह पर ही बुनियादी सुविधाएं गायब रहेंगी, तो समय पर बेहतर इलाज की उम्मीद कैसे की जा सकती है। यह अस्पताल बगहा अनुमंडल के सात प्रखंडों सहित पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और मित्र राष्ट्र नेपाल के सीमाई इलाकों की एक बड़ी आबादी के लिए इलाज का एकमात्र बड़ा सहारा है।

भीतर से छनकर आई जानकारी के अनुसार, अस्पताल में मौजूद व्हीलचेयर का सही तरीके से प्रबंधन नहीं होने के कारण यह संकट खड़ा हुआ। आपातकालीन वार्ड के लिए आरक्षित व्हीलचेयर को दूसरे विभागों में भेज दिया गया था। दो व्हीलचेयर को ओपीडी से आए मरीज एक्स-रे कराने के लिए ले गए थे, जबकि एक अन्य व्हीलचेयर का इस्तेमाल लेबर रूम में हो रहा था। इस मिसमैनेजमेंट की वजह से इमरजेंसी में आने वाले बेहद गंभीर मरीजों के लिए एक भी व्हीलचेयर खाली नहीं बची। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि आपातकालीन वार्ड के लिए अलग से पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर की स्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी लाचार मरीज को ऐसी बेबसी का सामना न करना पड़े।

इस पूरे मामले पर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि दो व्हीलचेयर एक्स-रे रूम में और एक लेबर रूम में व्यस्त होने की वजह से कुछ समय के लिए इमरजेंसी में यह किल्लत पैदा हो गई थी। प्रभारी उपाधीक्षक ने आश्वासन दिया कि मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में इस तरह की अव्यवस्था दोबारा न देखने को मिले।

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने फूंका चुनावी बिगुल, एनडीए के साथ पूरी ताकत से उतरेगी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी

शमसाद अंसारी के रिपोर्ट

संबंधित लेख

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button