बगहा विधानसभा: वीआईपी मार्ग पर बदहाली का तमाशा, पतिलार चौक की दुर्दशा पर विधायक राम सिंह के खिलाफ सड़क पर उतरी जनता
पांच दिन का जनसंपर्क अभियान पर पतिलार चौक के लिए शून्य मिनट: स्थानीय लोगों का आरोप- सिर्फ फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं नेता, नहीं भरे जा रहे जानलेवा गड्ढे
बगहा, पश्चिम चम्पारण: बिहार और उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ने वाली लाइफलाइन कही जाने वाली पतिलार चौक की मुख्य सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए काल का ग्रास बनी हुई है। इस मार्ग को वीआईपी रूट का दर्जा प्राप्त है, जहां से आए दिन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों का काफिला गुजरता है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि सड़क पर घुटनों तक कीचड़, बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां ही बची हैं। मानसून की दस्तक के बाद इस इलाके की स्थिति और भी नारकीय हो चुकी है, जिसके कारण आए दिन भीषण जाम और गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जनसंपर्क के बीच अनदेखी से भड़का नागरिकों का आक्रोश
स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय विधायक राम सिंह के खिलाफ अब जनता का सब्र पूरी तरह से टूट चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार-पांच दिनों से विधायक राम सिंह इसी वीआईपी मार्ग से गुजरकर आस-पास के गांवों में अपना जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वे वोटर्स के घरों तक जाकर हाथ जोड़ रहे हैं और बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, लेकिन मुख्य सड़क की दुर्दशा पर उनकी नजर नहीं जा रही है।
बीती 10 जून 2026 को हुई एक घटना ने स्थानीय लोगों के गुस्से में घी का काम किया। चश्मदीदों के अनुसार, विधायक राम सिंह अपने काफिले के साथ पतिलार चैनपुर में जनसंपर्क करने के बाद सिंधे रतवल की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान उनका काफिला पानी से लबालब भरे पतिलार चौक से गुजरा। वहां जलजमाव के कारण गाड़ियां धीमी हुईं, तो किनारे खड़े नागरिकों को उम्मीद थी कि शायद विधायक जी रुककर उनकी सुध लेंगे। मगर, ऐसा कुछ नहीं हुआ। विधायक का काफिला बिना रुके आगेपतिलार चौक सड़क दुर्दशा⁸ निकल गया। माननीय ने न तो गाड़ियों का शीशा नीचे किया और न ही कीचड़ में फंसी एक एम्बुलेंस की बेबसी को देखा।
“विधायक जी पिछले पांच दिनों से वोट मांगने के लिए गलियों की खाक छान रहे हैं। हमारे घरों के दरवाजों तक आ रहे हैं, लेकिन जिस पतिलार चौक से उनका काफिला रोजाना गुजरता है, वहां जलजमाव और गड्ढों को देखने के लिए उनके पास दो मिनट का समय नहीं है। यह कैसा जनसंपर्क है जो जनता की सबसे मुख्य समस्या से ही आंखें मूंद ले?”
— एक स्थानीय दुकानदार
इस बदहाली से केवल राहगीर ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारी, ट्रक चालक और स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चे भी त्रस्त हैं। चुनाव के समय किए गए वादों को याद करते हुए एक बुजुर्ग राहगीर ने तंज कसा कि चुनाव जीतने से पहले राम सिंह ने पहली कलम से नाली और सड़क दुरुस्त करने का वादा किया था। आज जीत के बाद भी गड्ढे जस के तस हैं, फर्क सिर्फ इतना है कि पहले यह साधारण कच्ची सड़क थी और अब इसे कागजों पर वीआईपी टूटी सड़क का तमगा मिल गया है।
बड़े हादसे को न्योता देता व्यस्ततम चौराहा
यूपी-बिहार सीमा से सटे होने के कारण पतिलार चौक बगहा का बेहद व्यस्त और संवेदनशील चौराहा माना जाता है। यहां से चौबीसों घंटे भारी वाहनों, अंतरराज्यीय बसों और आपातकालीन चिकित्सा वाहनों का आवागमन होता है। जर्जर सड़क की वजह से यहां हर घंटे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। पिछले महीने ही एक अनियंत्रित बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया था।
क्षेत्र की जनता अब प्रशासनिक और राजनीतिक उपेक्षा से तंग आ चुकी है। लोगों का सीधा सवाल है कि जब माननीय विधायक स्वयं पांच दिनों से इसी रूट पर एक्टिव हैं, तो वे लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को फोन कर त्वरित मरम्मत का निर्देश क्यों नहीं दे रहे हैं? जनता का मानना है कि केवल फोटो सेशन और रैलियों से जमीनी बदलाव संभव नहीं है।
जनता की दोटूक मांग: आश्वासन नहीं, मरम्मत की तारीख चाहिए
बगहा की जागरूक जनता ने अब इस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #पतिलार_चौक_बचाओ और #राम_सिंह_जवाब_दो जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। आंदोलनकारी नागरिकों का साफ कहना है कि अब उन्हें राजनेताओं के खोखले आश्वासनों पर भरोसा नहीं है। उन्हें पीडब्ल्यूडी और विधायक से वह निश्चित तारीख चाहिए, जिस दिन से इस सड़क का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू होगा। जब तक पतिलार चौक के गड्ढे नहीं भरे जाते, तब तक क्षेत्र की जनता चुप बैठने वाली नहीं है।




