बिहार

बगहा में मोहर्रम पर रात में ताजिया निकालने पर पाबंदी, डीजे और हथियारों के प्रदर्शन पर भी रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

बगहा। आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में अमन-चैन और आपसी भाईचारा बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मोहर्रम के दौरान रात में ताजिया जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही जुलूस में डीजे बजाने और किसी भी तरह के घातक हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने सभी से सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की है।

नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार की अध्यक्षता और राकेश सिंह के संचालन में आयोजित इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) चांदनी कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) निहार भूषण, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रदीप कुमार और अंचलाधिकारी (सीओ) नर्मदा श्रीवास्तव मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न अखाड़ों के लाइसेंसधारी और ताजियादार भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक की शुरुआत में ताजिया और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने अपनी पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए रात के समय जुलूस निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक समरसता को बरकरार रखने पर बल दिया।

मामले पर प्रशासनिक रुख साफ करते हुए एसडीपीओ निहार भूषण ने सरकार और जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसडीएम चांदनी कुमार ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से रात में जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि जुलूस के नाम पर धारदार या लाठी-डंडे जैसे हथियारों का प्रदर्शन और तेज आवाज में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

एसडीएम ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी समुदायों के प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द के साथ इस पर्व को संपन्न कराएं। प्रशासनिक अधिकारियों की इस अपील और नियमों की गंभीरता को देखते हुए बैठक में मौजूद सभी पक्षों ने सर्वसम्मति से रात में जुलूस न निकालने के फैसले पर अपनी सहमति दे दी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज भी मौजूद रहे, जिनमें पूर्व एमएलसी भीष्म सहनी, एमएलसी शिवरानी देवी, अनिल सिंह, परवेज आलम, इजहार सिद्दीकी, मुन्ना सिंह, नुरुल्लाह अंसारी, मोहम्मद अयूब अंसारी, दयाशंकर सिंह, मोहम्मद रशीद, पप्पू गुप्ता, रविशंकर प्रसाद, विजय पांडेय, जुगनू आलम, मदन सहनी, संजय यादव, अजय राउत, कौनैन आलम, आलमगीर रब्बानी और परवेज अख्तर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग शामिल थे। सभी ने एक सुर में प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।

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