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एक्शन में राजस्थान सरकार, जिन होटलों में कैद थी 13 साल की मासूम, उन पर चला बुलडोजर

राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामने आए बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाले सामूहिक दुष्कर्म मामले में प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ अत्यंत सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुई इस हैवानियत के विरोध में बुधवार को प्रशासन का बड़ा डंडा चला। इस घिनौने अपराध की साजिश और इसे अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए तीन प्रमुख होटलों को जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, अब तक 14 दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

भारी पुलिस जाब्ते के बीच जमींदोज हुए तीन होटल

प्रशासनिक अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शहर के नामी होटल खुंगर, जॉय इन और होटल सफायर को बुलडोजर चलाकर मिट्टी में मिला दिया। इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके को पुलिस छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया था। ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट नयन गौतम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा और उपाधीक्षक विष्णु खत्री समेत 50 से अधिक वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर डटे रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम किए गए थे कि परिंदा भी पर न मार सके।

पुलिस अधीक्षक हरीशंकर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए साफ लफ्जों में कहा कि पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरत रही है। अब तक 14 आरोपियों को दबोचा जा चुका है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है और इस जघन्य अपराध में लिप्त किसी भी अपराधी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

होटल मालिकों की मिलीभगत से पांच दिनों तक खेल

यह खौफनाक मामला बीते 23 जून को उस वक्त उजागर हुआ था, जब पुलिस की एक विशेष टीम ने सूचना के आधार पर शहर के एक होटल पर छापा मारकर इस बंधक बनाई गई नाबालिग बच्ची को सुरक्षित मुक्त कराया था। शुरुआती पुलिस जांच में जो कड़वा सच सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। होटल के मालिक और मैनेजर खुद इस घिनौने धंधे में शामिल थे। वे मासूम बच्ची को बंधक बनाकर रखते थे और मोटी रकम लेकर अलग-अलग ग्राहकों को बुलाते थे। एफआईआर के मुताबिक, इन पांच दिनों के भीतर करीब 20 से अधिक हैवानों ने अलग-अलग होटलों में ले जाकर उस बेबस बच्ची की अस्मत को तार-तार किया।

जनता के आक्रोश के बाद जागा प्रशासन

इस भयावह वारदात की खबर जैसे ही श्रीगंगानगर की जनता तक पहुंची, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। हर तरफ से आरोपियों को कड़ी सजा देने और इस कृत्य में मददगार बने होटलों को सील करने की मांग उठने लगी। जनता के इसी भारी विरोध और चौतरफा दबाव के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित फैसला लेते हुए इन तीनों होटलों को ढहाने का बड़ा आदेश जारी किया। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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