जदयू ने चली बड़ी संगठनात्मक चाल, पूर्व विधायक रिंकू सिंह बने बिहार प्रदेश महासचिव, पश्चिम चंपारण में जश्न

बिहार की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जनता दल यूनाइटेड ने सांगठनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी टीम का विस्तार किया है। इसी कड़ी में वाल्मीकिनगर के पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह को जेडीयू बिहार प्रदेश महासचिव की एक बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय से इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है। उन्हें यह बड़ा दायित्व पश्चिम चंपारण जिले के प्रतिनिधि के तौर पर मिला है। इस फैसले के बाद से ही चंपारण और वाल्मीकिनगर के इलाकों में कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर है।
जमीनी पकड़ और अनुभव को मिला सम्मान
धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह की गिनती बिहार के उन चुनिंदा नेताओं में होती है जो जमीन से जुड़े हैं और जिनकी कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पैठ है। वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में उनका पुराना कार्यकाल बेहद सक्रिय रहा है। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा, बेदाग छवि और आम जनता के साथ उनके सीधे संवाद को देखते हुए ही जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से न केवल सीमावर्ती जिलों में बल्कि राज्य स्तर पर भी पार्टी संगठन को एक नई धार मिलेगी।
जश्न में डूबा पश्चिम चंपारण, बंटी मिठाइयां
जैसे ही रिंकू सिंह को प्रदेश महासचिव बनाए जाने की खबर जिले में पहुंची, वैसे ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। पश्चिम चंपारण के अलग-अलग प्रखंडों और सुदूर पंचायतों में जेडीयू नेताओं ने बैठकें बुलाईं और इस फैसले के लिए नीतीश कुमार सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। स्थानीय नेताओं ने इसे चंपारण के सभी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की जीत बताया है।
आगामी चुनावों को देखते हुए बेहद अहम है यह फैसला
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि रिंकू सिंह के लंबे राजनीतिक अनुभव का फायदा अब पूरे बिहार में संगठन को मजबूत करने में मिलेगा। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। बधाई देने वालों में मुख्य रूप से दयाशंकर सिंह, राकेश सिंह, गुड्डू सिंह, रविंद्र पटेल, चंदन कुशवाहा, विवेक यदुवंशी, गुलाब चौहान, दिनेश्वर तिवारी, अंगद शर्मा, वीरेंद्र तिवारी, सुनील तिवारी, रामनाथ यादव, विकास यादव और मनिंदर राव समेत सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे।




